बर्थ सर्टिफिकेट को लेकर बड़ा झटका: 2011 से पहले जन्मे बच्चों के नाम अब जन्म प्रमाण पत्र में नहीं जुड़ेंगे, सरकार द्वारा दी गई 5 साल की विशेष छूट की अवधि समाप्त
Or register with email
Join our subscribers list to get the latest news, updates and special offers directly in your inbox
राजस्थान में उन माता-पिता की मुश्किलें अब काफी बढ़ गई हैं, जिन्होंने अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र तो बनवा लिया था, लेकिन उसमें बच्चे का नाम दर्ज करवाना भूल गए थे। सरकार ने 2011 से पहले जन्मे ऐसे बच्चों के नाम बर्थ सर्टिफिकेट में जोड़ने की प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी है। दरअसल, भारत सरकार की ओर से ऐसे मामलों में नाम दर्ज कराने के लिए दी गई विशेष छूट की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। इसके बाद जयपुर नगर निगम (हेरिटेज और ग्रेटर) सहित प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में इस तरह के आवेदनों को लेना और उन पर कार्रवाई करना बंद कर दिया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने साल 2021 में एक आदेश जारी कर 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों के नाम दर्ज करवाने के लिए 5 साल की विशेष छूट दी थी। इस छूट की अवधि अप्रैल 2026 में समाप्त हो गई है। अवधि खत्म होते ही पोर्टल पर पुराने मामलों में नाम जोड़ने का विकल्प बंद हो गया है, जिससे रोज सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे सैकड़ों अभिभावकों को मायूस लौटना पड़ रहा है।
'जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2000' के प्रावधानों के मुताबिक, यदि किसी बच्चे के जन्म के समय बिना नाम का बर्थ सर्टिफिकेट जारी होता है, तो उसमें नाम जुड़वाने के लिए अधिकतम 15 साल का समय दिया जाता है। नियम के अनुसार, यदि बच्चे की उम्र 15 साल से अधिक हो जाती है और नाम नहीं जुड़वाया गया है, तो भविष्य में कभी भी उसका नाम उस प्रमाण पत्र में दर्ज नहीं किया जा सकता।
इस बीच, राज्य सरकार ने 'पहचान पोर्टल' के माध्यम से प्रदेश के करीब 6 लाख ऐसे परिवारों को मोबाइल पर चेतावनी संदेश (Alert Messages) भेजे हैं, जिनके बच्चों का नाम अभी तक बर्थ सर्टिफिकेट में दर्ज नहीं है। राहत की बात यह है कि ये मैसेज मुख्य रूप से उन बच्चों के परिवारों को भेजे गए हैं जिनका जन्म साल 2011 के बाद हुआ है। चूंकि इनके पास 15 साल की निर्धारित अवधि अभी बची हुई है, इसलिए सरकार इन्हें समय रहते नाम दर्ज कराने के लिए जागरूक कर रही है।
Please accept the Cookies Store Request.
