सिकराय उपकोष कार्यालय में दो दिन में दो मौतें: लेखाकार शीतल की संदिग्ध मौत के बाद उप कोषाधिकारी मनोज मीणा ने की खुदकुशी, ग्रामीणों सहित परिजनों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर थाना और अस्पताल में दिया धरना विधायक राजेंद्र मीणा की समझाइश पर हुआ पोस्टमार्टम

Jun 12, 2026 - 18:59
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सिकराय उपकोष कार्यालय में दो दिन में दो मौतें: लेखाकार शीतल की संदिग्ध मौत के बाद उप कोषाधिकारी मनोज मीणा ने की खुदकुशी,  ग्रामीणों सहित परिजनों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की  मांग को लेकर थाना और अस्पताल में दिया धरना विधायक राजेंद्र मीणा की समझाइश पर हुआ पोस्टमार्टम

महुवा/दौसा (अवधेश अवस्थी) दौसा जिले के सिकराय उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के एक दिन बाद सिकराय में कार्यरत महुवा सिंदुकी निवासी उप कोषाधिकारी मनोज मीणा ने भी अपने घर पर फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। 

सिंदुकी निवासी मनोज मीणा का शव शुक्रवार सुबह महुवा स्थित आवास पर फंदे से लटका मिला। बता दें कि एक दिन पूर्व ही उपकोष अधिकारी मनोज मीणा पर अकाउंटेंट शीतल मीणा को प्रताड़ित करने तथा किसी पेय पदार्थ में जहर देने का आरोप लगा था। जिसके चलते  मनोज मीणा डिप्रेशन में था मरने से पहले मनोज मीणा ने सुसाइड नोट में अपने पिता के नाम लिखा है जिसमें भुसावर नायब तहसीलदार अरुण मीणा व सोनू मीणा द्वारा प्रताड़ित करने डराने धमकाने के बारे में लिखा है

सूचना मिलते ही महुवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर  जिला अस्पताल महुवा की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। मनोज मीणा ने अपने पिता के नाम लिखे सुसाइड नोट में भुसावर नायब तहसीलदार अरुण मीणा और सोनू मीणा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सोनू मीणा शीतल का भाई है और अरुण मीणा रिश्तेदार है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
मृतक मनोज मीणा के पिता ने बताया कि शीतल मीणा के परिजनों ने उनके बेटे मनोज के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था। भुसावर नायब तहसीलदार अरुण मीणा गुरुवार को मनोज मीणा से मिलने आया था। इस दौरान मनोज को धमकाया भी था। जिसके चलते बेटा मनोज मीणा डिप्रेशन में था और उसने देर रात महुवा स्थित घर पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।  घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में  मचा हड़कंप मच गया क्योंकि मनोज मीणा के खिलाफ एक दिन पहले ही मानपुर थाने में  रिपोर्ट कराई गई थी सूचना पर क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र मीणा जिला अस्पताल महुवा पहुंचकर सिंदुकी निवासी मनोज मीना उपकोषाधिकारी सिकराय द्वारा आत्महत्या किए जाने के दुःखद समाचार पर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया एवं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मौके पर ही मनोज के परिजनों की बात गंभीरता से सुनी तथा महुवा थाने पहुंचकर पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्यों को सामने लाने एवं यदि किसी की भूमिका पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान विधायक राजेंद्र मीणा ने इस दुःखद घड़ी में परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें यह कामना की

इसके बाद उप कोषाधिकारी मनोज मीणा आत्महत्या मामले में बवाल हो गया और परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया जिसके चलते पोस्टमार्टम नहीं हो पाया उसके बाद परिजन में ग्रामीण जन थाने के बाहर धरना देने के बाद  महवा अस्पताल परिसर में धरना जारी रखा जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी, मृतक के पास मिले कथित सुसाइड नोट में नाम दर्ज आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर धरना दिया जाता रहा उप कोषाधिकारी मनोज मीना की इसके बाद मौके पर दौसा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे ताजा विवरण अनुसार विधायक राजेंद्र मीणा दोसा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल मीणा सहित पुलिस प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए  तैयार हो गए ।

इस दौरान विधायक राजेंद्र मीणा ने कहा कि प्रशासन की उपस्थिति में निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस प्रशासन  द्वारा दिया गया है आश्वासन कि "इसमें कोई राजनीति नहीं होगी, दोषी कोई भी हो बचेगा नहीं और कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी",  मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है , विधायक राजेंद्र मीणा पुलिस व प्रशासन ने परिजनों को  उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए समझाइसकी इसके बाद परिजन शव लेने के लिए तैयार हो गए हैं जिला अस्पताल महुवा में  मेडिकल बोर्ड से  शव का पोस्टमार्टम कराया इस के बाद मृतक मनोज मीणा के शव को लेकर को  परिजन अपने  गांव सिंदुकी में अंतिम संस्कार करने के लिए लेकर गए वहीं पुलिस ने  इस मामले को लेकर जांच तेज कर दी है
मनोज मीणा ने क्यों उठाया ऐसा कदम
सिकराय उपखंड मुख्यालय स्थित उपकोष कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बुधवार शाम कार्यालय में ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ने के बाद शीतल को उप जिला अस्पताल लाया गया था। जहां से गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल रैफर कर दिया था। जहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस पर मृतका के भाई मोहनलाल मीणा निवासी कैलाई ने मानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए उपकोष अधिकारी मनोज मीणा एवं कार्यालय स्टाफ पर कनिष्ठ लेखाकार शीतल मीणा (25) को प्रताड़ित करने तथा किसी पेय पदार्थ में जहर देने का आरोप लगाया था। जिसकी जांच पुलिस उपाधीक्षक मानपुर द्वारा की जा रही है जिसके चलते शीतल मीणा के परिजनों द्वारा प्रताड़ित करने के कारण मृतक मनोज मीणा डिप्रेशन में था शुक्रवार को जिस दुकान का ज्यूस शीतल और मनोज सहित स्टॉफ ने पिया था, उस दुकान पर सेम्पल लेने टीम पहुंची

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