मकराना न्यायालय परिसर के बाहर विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डीडवाना व अध्यक्ष आशा चौधरी (ताल्लुका विधिक सेवा समिति) के निर्देशानुसार विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर मकराना न्यायालय परिसर के बाहर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य वक्ता पेनल अधिवक्ता तलत हुसैन हनीफी ने आमजन को बाल श्रम के उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया। पेनल अधिवक्ता हनीफी ने उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हर साल 12 जून को दुनियाभर में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाल श्रम को रोकना, बाल अधिकारों की रक्षा करना और बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है, जो उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाता है तथा उन्हें स्कूल जाने से रोकता है।
शिविर में 'बाल श्रम (निषेध एवं नियमन) अधिनियम, 1986' की जानकारी देते हुए अधिवक्ता हनीफी ने बताया कि यह कानून भारत में बाल श्रम के खिलाफ पहला और सबसे मुख्य कानून है, जो 23 दिसम्बर 1986 को लागू हुआ था। अधिनियम के अनुसार, 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के जोखिमपूर्ण या अन्य कार्य में नियोजित करना या मजबूर करना कानूनी अपराध है। यदि कोई व्यक्ति अपने कारखाने, बाड़े, कंपनी, माइन्स, रेस्टोरेंट या होटल में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चे से कार्य करवाता है, तो वह सख्त कार्रवाई का भागी होगा। 14 वर्ष से कम या 14 से 18 वर्ष के बीच के बच्चों को किसी खतरनाक व्यवसाय में नियोजित करने पर 1 से 6 महीने तक की कारावास और 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
पेनल अधिवक्ता हनीफी ने आमजन से यह भी अपील की कि वे न्यायालयों में लंबित अपने-अपने प्रकरणों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने के बजाय मध्यस्थता और लोक अदालत के जरिए आपसी सहमति से निस्तारण करवाएं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके। इस दौरान पेनल अधिवक्ता तलत हुसैन हनीफी के साथ पेनल अधिवक्ता मो. इमरान सिसोदिया, कोर्ट कर्मचारी गुमानाराम, अधिवक्ता खलील अहमद सिसोदिया, मो. इमरान गैसावत, कपिल बिरडा और मो. शब्बीर भाटी उपस्थित रहे। इसके अलावा आमजन में से सलीम उर्फ सल्लू, अब्दुल कलाम, जाकिर हुसैन, ईश्वर चन्द्र, रणजीत, रामदेव, इकबाल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।


