किसान स्वयं भी मोबाईल ऐप के माध्यम से कर सकते हैं ऑनलाईन गिरदावरी
भरतपुर,(कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)। राज्य सरकार द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में खरीफ सम्वत् 2082 (वर्ष 2025) ऑनलाईन गिरदावरी का कार्य मोबाईल ऐप के माध्यम से पटवारी एवं किसान द्वारा स्वयं 1 अगस्त से 15 अक्टूबर 2025 तक पूर्ण किया जाना है। गिरदावरी लोकेशन एवं फोटोबेस है जो कि खसरा नम्बर पर पहुंच कर लोकेशन के आधार पर खसरे में बोई गई फसल का फोटो लेकर की जानी है। जिला कलक्टर कमर चौधरी ने जिले के समस्त किसानों से स्वयं के द्वारा ई-गिरदावरी अथवा फसल खराबे का कार्य किसान गिरदावरी ऐप के माध्यम से किये जाने की अपील की है।
प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख ने बताया कि ऑनलाईन गिरदावरी का कार्य मोबाईल ऐप के माध्यम से पटवारी के साथ-साथ किसान स्वयं भी किसान गिरदावरी कर सकते हैं। राज्य सरकार द्वारा किसानों द्वारा ई-गिरदावरी किये जाने हेतु 20 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है। सभी पटवारियान द्वारा किसानों को जागरूक कर ई-गिरदावरी करने हेतु जिला कलक्टर द्वारा भी निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों को इस कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो सम्बन्धित क्षेत्र के पटवारी से समस्या का निराकरण कर गिरदावरी कार्य कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा ई-गिरदावरी स्वंय के स्तर से करने से क्षेत्र में हुए फसल खराबे की वास्तविक स्थिति का आंकलन हो सकेगा, राज्य सरकार द्वारा भविष्य में यदि किसी प्रकार का मुआवजा दिया जाता है तो किसानों को उसका सम्पूर्ण लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक पटवारियों एवं किसानों द्वारा केवल 5.59 प्रतिशत गिरदावरी ही पूर्ण की गई है। जिले में कुल 7 लाख 15 हजार 235 खसरों की डीसीएस गिरदावरी की जानी है, जिसमें से पटवारियों द्वारा 22 हजार 157 खसरों की गिरदावरी तथा किसानों द्वारा 17 हजार 815 खसरों की गिरदावरी पूर्ण की गई है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर जिला कलक्टर स्वयं ई-गिरदावरी की नियमित रूप से मॉनिटरिंग कर तहसीलदार एवं पटवारियों को निर्देशित कर रहे हैं। किसानों द्वारा ई-गिरदावरी अथवा फसल खराबा ऐप के माध्यम से दर्ज करने के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की समस्या के लिए किसान जिला स्तर पर तहसीलदार (भू०अ०) कलेक्ट्रेट के कमरा नं.82 में सम्पर्क कर सकते हैं।


