भरतपुर की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की पहल: हिन्दी साहित्य समिति एवं जसवंत प्रदर्शनी के शताब्दी समारोह आयोजित करने की मांग
शताब्दी वर्ष पर भरतपुर की सांस्कृतिक विरासत को मिले नया गौरव: गुप्ता ने जिला कलेक्टर को लिखा पत्र
भरतपुर, (विष्णु मित्तल)समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने जिला कलेक्टर, भरतपुर को पत्र लिखकर भरतपुर की दो ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों—हिन्दी साहित्य समिति तथा जसवंत प्रदर्शनी (जवाहर नुमाइश एवं पशु मेला)—के शताब्दी समारोह के भव्य आयोजन, संरक्षण, पुनरोद्धार एवं दीर्घकालीन विकास की मांग की है। इस समारोह से युवा पीढ़ी को इन संस्थाओं के इतिहास, दैनिक जीवन में महत्वता, स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान जैसी जानकारी प्राप्त हो सकेगी !
पत्र में बताया गया कि दोनों संस्थाएं अपनी स्थापना के सौ वर्ष से अधिक का गौरवशाली इतिहास पूर्ण कर चुकी हैं, लेकिन अब तक उनका शताब्दी समारोह आयोजित नहीं हो सका है। यह भरतपुर की साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत के लिए अत्यंत खेद का विषय है।
गुप्ता ने बताया कि हिन्दी साहित्य समिति की स्थापना लगभग एक शताब्दी पूर्व महाराजा किशन सिंह द्वारा की गई थी। इस संस्था का उद्घाटन भारत के महान दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा किया गया था तथा विश्वकवि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का भी इस संस्था से आत्मीय जुड़ाव रहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में समिति भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर एवं चिंताजनक है, इसलिए इसके संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं पुनर्जीवन के साथ शताब्दी समारोह का आयोजन समय की आवश्यकता है।
पत्र में जसवंत प्रदर्शनी (जवाहर नुमाइश एवं पशु मेला) का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह भी एक शताब्दी से अधिक पुरानी ऐतिहासिक परंपरा है। एक समय यह देश के प्रमुख मेलों में शामिल था तथा ग्वालियर और कोटा के मेलों के बाद इसका महत्वपूर्ण स्थान माना जाता था। बदलते समय में अन्य मेलों का व्यापक विकास हुआ, जबकि भरतपुर का यह ऐतिहासिक आयोजन अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं प्राप्त कर सका।
सीताराम गुप्ता ने बताया कि उन्होंने इस मेले के पुनरुत्थान के लिए राजस्थान सरकार द्वारा गठित एक समिति में सदस्य के रूप में कार्य करते हुए ग्वालियर मेले का अध्ययन किया था तथा जसवंत प्रदर्शनी के समग्र विकास के लिए विस्तृत सुझाव तैयार किए गए थे। यद्यपि उन पर आंशिक कार्य हुआ, लेकिन अभी भी व्यापक विकास की आवश्यकता बनी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान में नुमाइश परिसर के विकास एवं दुकानों के नवीनीकरण के कार्य की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि कार्य पूर्ण होने के बाद इसका भी भव्य शताब्दी समारोह आयोजित किया जाए तथा पूर्व में तैयार विकास पुस्तिका को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अद्यतन कर उसके आधार पर कार्ययोजना बनाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इसी वर्ष डीग हिन्दी साहित्य समिति अपना शताब्दी समारोह मना रही है। ऐसे में भरतपुर जैसी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी की हिन्दी साहित्य समिति का शताब्दी समारोह आयोजित न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
समृद्ध भारत अभियान ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि हिन्दी साहित्य समिति एवं जसवंत प्रदर्शनी के शताब्दी समारोह को जिला स्तर पर गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित किया जाए तथा इनके संरक्षण, पुनरोद्धार एवं दीर्घकालीन विकास के लिए ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर भरतपुर की ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान एवं राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया जाए।


