भगवान राम केवल सनातन धर्म के ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की पहचान है - विजय राम मीणा
ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर के नीचे 6 अक्टूबर से शुरू होगा रामलीला का मंचन
डीग (नीरज जैन) भगवान श्री राम केवल सनातन धर्म के ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की पहचान है। भगवान राम के चरित्र से हमें भाई माता-पिता व आमजन के साथ में कैसे व्यवहार करना चाहिए इसकी प्रेरणा लेनी चाहिए। यह बात शहर के लक्ष्मण मंदिर के समक्ष रामलीला महोत्सव के बल्ली पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में बोलते हुए शहर कोतवाली थानाधिकारी विजय राम मीणा ने कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीताराम मंदिर पान्होरी के मंहत बाबा शिवराम दास जी महाराज ने कहा कि रामायण सनातन संस्कृति का आधार है, भगवान राम के आदशों को जीवन में धारण करके ही परिवार , समाज, देश और दुनिया में सुख शांति संभव है।
विशिष्ट अतिथि के रुप में बोलते हुए कृष्णानंद महाराज ने कहा कि हमें भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
इस दौरान रामलीला कमेटी के मुख्य संरक्षक लक्ष्मण मंदिर के मंहत पंडित मुरारी लाल पाराशर के नेतृत्व में ब्राम्हणों ने वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ पूजा अर्चना कराई गई। तत्पश्चात ध्वाजारोहण के साथ विधिवत बल्ली पूजन किया गया।
इस अवसर पर रामलीला महोत्सव के अध्यक्ष पंकज सौखिया, भाजपा के पूर्व शहर मंडल अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, नगर परिषद के उप सभापति मनोहर लाल शर्मा , पूर्व पार्षद मोहन स्वरुप पाराशर, जगदीश टकसालिया, मनोज खण्डेलवाल, इन्द्रमोहन शर्मा, जीतेन्द्र पाराशर, मुकेश भारद्वाज, सुनील दत्त शर्मा लाला , पूर्व पार्षद महेंद्र शर्मा, मन्नू पंडित, सुन्दर सरपंच, पूरन बंसल, पार्षद धीरज फौजदार , दाऊ दयाल नसवारिया, ब्रज मोहन शर्मा, गौरव सोनी, राकेश अराधना काव्य पाराशर सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।


