कठूमर में शरद पूर्णिमा पर धर्म प्रेमियों ने डीजे की भक्ति धुन से लगाई परिक्रमा
कठूमर / दिनेश लेखी। शरद पूर्णिमा के अवसर पर कठूमर में सैकड़ों धर्म प्रेमियों ने कस्बे की परिक्रमा लगाई। परिक्रमा शाम को 7:30 बजे अहिंसा सर्किल से शुरू हुई और पूरे कस्बे के भ्रमण कर वापस सर्किल पर पहुंचकर समाप्त हुई। परिक्रमा के दौरान रास्ते में जगह-जगह धर्म प्रेमियों का स्वागत किया। वही रामदयाल बाबा के स्थान पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शरद पूर्णिमा के उपलक्ष में सनातन धर्म प्रेमियों द्वारा संध्या के समय सभी धार्मिक स्थलों की एक साथ परिक्रमा लगाई।
परिक्रमा में शामिल भक्तों ने हाथों में ढोलक मजीरा लिए हरिनाम संकीर्तन के साथ भजन कीर्तन करते हुए कस्बे की परिक्रमा लगाई।
इसके अलावा, प्रतिदिन कस्बे के अहिंसा सर्किल से सुबह प्रभात फेरी निकाली जाती है। हर वर्ष कार्तिक मास में कार्तिक व्रत रखने वाले धर्म प्रेमियों द्वारा शरद पूर्णिमा के साथ ही प्रभात फेरी लगाना, कार्तिक मास की कथा सुनना एवं सुनाना सहित अनेक प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान, पूजन, व्रत किए जाते हैं। इस अवसर पर सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष समेत बच्चे शामिल हुए।
परिक्रमा का महत्व- इन परिक्रमाओं का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है, जिससे श्रद्धालुओं को पुण्य लाभ और मनोकामना पूर्ति की आशा होती है। कुछ स्थानों पर इसे 'कोजागरी लक्ष्मी पूजा' या 'रास पूर्णिमा' भी कहा जाता है, और इस रात चंद्रमा से अमृत वर्षा होने का भी विश्वास है।