डीग में भगवान राम लक्ष्मण के वियोग में दशरथ मरण भरत मिलाप राम लीला का किया गया मंचन
वृंदावन से आए कलाकारों का जीवंत अभिनय देखकर दर्शक हुए भाव विभोर
डीग(नीरज जैन) 12 अक्टूबर। डीग शहर के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर के सामने आयोजित श्रीरामलीलामहोत्सव में रविवार को केवट लीला,सुमंत विलाप , दशरथ मरण एवं भरत मिलाप की लीला का वृन्दावन के कलाकारों द्धारा मंचन किया गया,जिनकी जीवंत प्रस्तुति को देख कर दर्शक भाव विभोर हो गए।
श्री रामलीला महोत्सव समिति के मुख्य संरक्षक लक्ष्मण मंदिर के मंहत पंडित मुरारीलाल पाराशर ने बताया कि मंत्री सुमंत प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता को जंगल के समीप छोड़कर जब लौटते है रास्ते में विलाप करते है कि विधाता ने मुझको कितना भारी दुख दिया है। अब मैं अयोध्या में जाकर महाराजा दशरथ से क्या कहूंगा। मंत्री सुमंत रोते हुए अयोध्या पहुंच कर महाराज दशरथ को सारा हाल सुनाते हैं। श्रीराम की वियोग में महाराजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते है। इस पर गुरु वशिष्ठ भरत जी अपने ननिहाल से अयोध्या वापिस बुलाते है। अयोध्या में राम, लक्ष्मण को नहीं देखकर भरत उनके बारे में पूछते हैं। घटनाक्रम की पूरी जानकारी होने पर वह अपनी मां कैकई को नाना प्रकार के वचन सुनाते हैं और पिता दशरथ का अंतिम संस्कार करते हैं। संस्कार के पश्चात वह श्रीराम को मनाने के लिए चित्रकूट प्रभु श्रीराम के पास पहुंचते हैं और उनसे वापिस अयोध्या की चलने की प्रार्थना करते हैं। भगवान राम भरत जी को समझा कर अपनी चरण पादुका देकर भरत से अयोध्या का राज्य चलाने के लिए कहते हैं। भरत जी भगवान की आज्ञा को मान करके भगवान राम की चरण पदुकाओं को अपने सिर पर रखकर अयोध्या में आते हैं और उन्हें राजगद्दी पर रखकर अयोध्या का राज्य करते हैं। लीला में भगवान श्रीराम एवं भरत जी का सुंदर मिलन को देख दर्शक भावविभोर हो गये।
इस अवसर पर नगर परिषद उपसभापति मनोहर लाल शर्मा,समाजसेवी सुनील दत्त शर्मा लाला पंडित,राजू प्रधान, अनिल कुमार गुप्ता एडवोकेट,मुकेश भारद्वाज,आचार्य गणेश दत्त पाराशर, रामलीला समिति अध्यक्ष पंकज सौखिया, अक्षत सौखिया,मनोज खंडेलवाल, मीरा गोयल, पार्षद धीरज फौजदार , अधिवक्ता पंकज भूषण गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।


