भैया दूज आज , भाइयों को तिलक कर बहनो ने की सुख समृद्धि की कामना
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
दिपावली के पांच दिवसीय महोत्सव का समापन भैया दूज पर्व के साथ आज हो गया।भैया दूज भाई-बहन के स्नेह और विश्वास की डोर को और मजबूत करने का पर्व है। आज बहनो ने भाइयों को रोली-चावल से तिलक कर सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना की। बुधवार को बाजारों में भैया दूज की तैयारी में महिलाएं जुटी रहीं। पूजन सामग्री और भाई-भतीजों के लिए उपहार की खरीदारी की गई।
आज शहर के भगत सिंह सर्किल, पुरानी सब्जी मंडी के बाजार में रौनक रहीं। बहनों ने भाइयों और भाइयों ने बहनों के लिए उपहार खरीदे। दुकानों पर खील बताशों मिठाइयांऔर नारियल की खरीदारी के लिए महिलाएं जुटी रहीं। सड़क के किनारों पर खील और बताशे की दुकानें सजीं। मिठाइयों गिफ्ट पैक की खरीदारी खूब हुई। बाजार में खरीदारी करने आई युवती ममता ने बताया कि भाई हमेशा बहनों का साथ देते हैं। बहनें उनकी तरक्की और सुखी जीवन की कामना करती हैं।
यमराज ने दिया था बहन को वरदान -
ज्योतिषाचार्य पंडित योग शिक्षक लोकेश कुमार ने बताया कि भाई दूज पर्व मनाने पीछे पौराणिक मान्यता शामिल है। सूर्यदेव की पुत्री यमुना अपने भाई यमराज से अत्यंत स्नेह रखती थी। वह बार-बार उन्हें अपने घर भोजन के लिए आमंत्रित करती थीं, लेकिन यमराज अपने दायित्वों में व्यस्त होने के कारण नहीं जा पाते थे। एक दिन यमराज ने अपनी बहन का आग्रह स्वीकार किया और उसके घर पहुंचे। यमुना ने भाई के माथे पर तिलक लगाया और स्वादिष्ट भोजन कराया। भाई के स्नेह से प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना को वर मांगने को कहा। यमुना ने प्रार्थना की कि इस दिन जो भी बहन अपने भाई का तिलक करें, उसके भाई की दीर्घायु हो और उसे कभी अकाल मृत्यु का भय न हो।


