गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बच्चों संग स्कूल बस में किया 15 किमी सफर
बांटी मिठाई, सादगी और वात्सल्य की पेश की एक अविस्मरणीय मिसाल
डीग (नीरज जैन) राजनीति की व्यस्त दिनचर्या और प्रोटोकॉल से परे सोमवार को गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म का एक अत्यंत सरल और वात्सल्यपूर्ण रूप देखने को मिला। एक आधिकारिक कार्यक्रम में जा रहे बेढ़म ने जब रास्ते में एक स्कूल बस देखी तो उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और बच्चों से मिलने के लिए सीधे स्कूल बस में जा बैठे। यह अप्रत्याशित क्षण उन स्कूली बच्चों के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बन गया।
मंत्री बेढम को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे पहले तो आश्चर्यचकित हुए लेकिन अगले ही पल बस का माहौल ठहाकों और खुशी से गूंज उठा।
बेढ़म बच्चों से एक-एक कर उनका नाम पूछा और अपने हाथों से सभी को मिठाई खिलाई। बच्चों ने भी उन्हें तुरंत पहचान लिया और अंकल जवाहर सिंह बेढ़म कहकर उनका अभिवादन किया।
गृह राज्य मंत्री बेढम ने करीब 10 से 15 किलोमीटर का सफर बस में ही तय किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं, जिस पर किसी ने "आईएएस" तो किसी ने "सरपंच" बनने की इच्छा जताई। गृह राज्य मंत्री बेढ़म ने इस दौरान बच्चों के साथ अपने बचपन के अनुभव भी साझा किए और उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसी खिलखिलाते माहौल में जब मंत्री बेढ़म ने बच्चों से पूछा कि आपका फेवरेट नेता कौन है तो सभी बच्चों ने एक स्वर में निश्छल भाव से जवाब दिया मोदी जी सबसे अच्छे नेता हैं।बच्चों का यह मासूम और ईमानदार जवाब सुनकर बेढ़म भी मुस्कुरा उठे।
गृह राज्य मंत्री का यह सहज और आत्मीय व्यवहार यह दर्शाता है कि उनके दिल में बच्चों और देश के भविष्य के प्रति कितना गहरा स्नेह है। यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि इस बात की मिसाल है कि एक जनप्रतिनिधि का अपनी भावी पीढ़ी के साथ कितना गहरा और सच्चा जुड़ाव होना चाहिए। यह 15 किलोमीटर का सफर, बच्चों की हंसी और एक मंत्री की सादगी, जनसेवा की एक 'आत्मीयता की मिसाल' के रूप में हमेशा याद की जाएगी। इस दौरान भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सतीश बंसल उनके साथ थे।


