गोविंदगढ़ अस्पताल में 6 महीने से बंद पड़ी जांच मशीन: मरीज निजी लैब जाने को मजबूर, बीसीएमएचओ समस्या से बेखबर
गोविंदगढ़ (अलवर) गोविंदगढ़ के स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बायोकेमिस्ट सेमी ऑटो-एनालाइजर मशीन पिछले छह माह से खराब पड़ी है। इसके चलते अस्पताल में ब्लड शुगर, किडनी, लिवर सहित 13 आवश्यक जांचें नहीं हो पा रही हैं। मरीजों को जांच के लिए निजी लैब में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मशीन खराब होने का सीधा फायदा निजी लैब संचालकों को मिल रहा है।
अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 600 से 800 मरीज आते हैं, जिनमें से अधिकांश को रक्त जांच की आवश्यकता होती है। जो मजबूरन निजी लेबो पर जांच करवाने को मजबूर है
अस्पताल कर्मियों के अनुसार खराब मशीन को बदलने का प्रस्ताव जयपुर भेजा गया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अस्पताल में आए मरीज ने आरोप लगाया कि एक डॉक्टर ने उन्हें ब्लड टेस्ट लिखा, लेकिन लैब में बताया गया कि मशीन खराब है और उन्हें बाहर से जांच करवानी पड़ेगी।
इस संबंध में बीसीएमएचओ अमरदीप गुर्जर का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सीएचसी और पीएचसी को पाबंद किया जाएगा कि वे बाहर से किसी भी प्रकार की जांच न कराएं।


