गोविंदगढ़ मे ब्लॉक स्तरीय 'सतत विकास एवं ग्रीन ग्रोथ' स्किल प्रतियोगिता हुई आयोजित
गोविंदगढ़ (अलवर) माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान अजमेर द्वारा पहली बार वर्ष 2025-26 में आयोजित ग्रीन ग्रोथ स्किल प्रतियोगिता विद्यार्थियों के कौशल विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। यह प्रतियोगिता कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए प्रतिभा का मंच प्रस्तुत करती है जहां निबंध लेखन, आशुभाषण, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी (क्विज़) एवं चित्रकला के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता और क्षमता का परिचय दे सकेंगे।
आज सोमवार 8 दिसंबर को 'सतत विकास एवं ग्रीन ग्रोथ' विषय पर ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएं महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय रामबस मे आयोजित हुई, जिसमे 5 दिसम्बर 2025 को विद्यालय स्तरीय कार्यक्रम मे विजेता रहे 22 छात्र छात्राओ ने भाग लिया,
“कदम बढ़ाओ, दिशा खुद-ब-खुद तय हो जाएगी, प्रतिभा को जगाओ, पहचान खुद सामने आ जाएगी।”
एमजीजीएस रामबास के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नवीन पाण्डेय ने बताया कि ब्लॉक स्तर विजेता विद्यार्थी अब जिला स्तर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता मे गोविंदगढ़ ब्लॉक का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में पर्यावरणीय दायित्वों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होती हैं।
इस प्रकार रहे प्रतियोगिताओं के परिणाम-
- क्विज़ प्रतियोगिता में 6 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमे प्रथम स्थान गगनदीप 10वी राउमावि गोविन्दगढ़,द्वितीय स्थान प्रवीण मीणा 9वीं mggs रामबास ने प्राप्त किया
- चित्रकला प्रतियोगिता में 5 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमे प्रथम स्थान वन्दाना 11वी राबाउमावि गोविन्दगढ़, द्वितीय स्थान अन्तिमा सैनी 11 वीं mggs रामबास ने प्राप्त किया
- निबंध प्रतियोगिता में 6 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमे प्रथम स्थान सोनम कुमारी 12वी राबाउमावि बडौदामेव, द्वितीय स्थान आसिप 11वीं mggsबडौदामेव ने प्राप्त किया
- आशुभाषण प्रतियोगिता में 5 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिसमे प्रथम स्थान हिमांशी 11वी राबाउमावि गोविन्दगढ़ द्वितीय स्थान अंजली 11वी राबाउमावि बडौदामेव ने प्राप्त किया
- विद्यार्थियों के लिए संदेश "अभी नहीं तो कभी नहीं" - खान
एसीबीईओ अकबर खान ने बताया कि- प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और उत्कृष्ट करियर की ओर कदम बढ़ाने का सुनहरा अवसर है।
इसलिए अब समय है मंच पर आने का, खुद को साबित करने का, और राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में योगदान देने का। यह पहल न सिर्फ उनके शैक्षणिक कौशल को बढ़ाएगी बल्कि समाज व देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेगी।
“मंज़िल उन्हीं को मिलती है जिनमें हिम्मत की रोशनी होती है, जो आज खुद पर काम करें कल वही सबसे मजबूत पहचान होती है।”
विश्वजीत (सीबीईओ गोविंदगढ़) ने कहा कि दुनिया आज तेज़ी से आगे बढ़ रही है, और पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। "हरित कौशल केवल योग्यताएं नहीं हैं; वे एक स्थायी कल के लिए जिम्मेदारियां हैं।" ऐसे में Green Growth Skill छात्रों को पर्यावरण–अनुकूल सोच, रचनात्मक समाधान, नवाचार, ऊर्जा संरक्षण, स्वच्छ तकनीक और ग्रीन फ्यूचर बनाने की दिशा में कौशल विकसित करने का अवसर देता है। "भविष्य उनका है जो समाधान तैयार करते हैं, समस्याएं नहीं, बल्कि ऐसे कौशल विकसित करते हैं जो ग्रह के विकास में सहायक होते हैं।" इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थी रचनात्मक लेखन एवं वक्तृत्व के जरिए अपनी पर्यावरणीय समझ व्यक्त कर सकेंगे।


