चार साल से पेंशन से वंचित बुजुर्ग महिला को मिली राहत, जनआधार में सही बैंक खाता हुआ सीड
कठूमर (दिनेश लेखी) उपखंड क्षेत्र के ग्राम खेडामैदा की एक बुजुर्ग महिला पिछले चार वर्षों से मात्र तकनीकी त्रुटि के कारण सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित थी। संबंधित विभाग की पहल और त्वरित कार्रवाई से अब महिला के सही बैंक खाते को जनआधार से सफलतापूर्वक सीड कर दिया गया है, जिससे उसे शीघ्र ही पेंशन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम खेडामैदा निवासी बुजुर्ग महिला गजना के पति का निधन हो जाने के बाद जनआधार कार्ड से उनके पति का नाम हटा दिया गया था। लेकिन जनआधार में बैंक खाते के रूप में दिवंगत पति का खाता ही जुड़ा रह गया। इसी तकनीकी विसंगति के कारण महिला की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले चार वर्षों से बंद थी और उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। परिजनों ने समस्या के समाधान के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। अंततः मंगलवार को महिला के पुत्र कुंवर सिंह ने ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी (बीएसओ) कठूमर दीपक शर्मा से संपर्क कर पूरी समस्या से अवगत कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसओ दीपक शर्मा ने संगणक धर्मवीर के साथ आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बुधवार को महिला गजना को अपने कार्यालय के बजाय घर पर बुलाकर उनके नाम का सही बैंक खाता जनआधार में सफलतापूर्वक सीड कराया गया। इसके बाद गुरुवार को महिला के बैंक खाते का राज्य स्तर से अनुमोदन (अप्रूवल) भी प्राप्त हो गया। अनुमोदन मिलने के साथ ही चार वर्षों से रुकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन दोबारा शुरू होने की संभावना प्रबल हो गई है। इस कार्रवाई से बुजुर्ग महिला और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली तथा विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
स्थानीय लोगों ने भी इस त्वरित एवं संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए तो आमजन को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सकता है।


