पवित्र कैलास मानसरोवर यात्रा का प्रथम बैच में दिल्ली से 51 यात्री हुए रवाना
जयपुर (कमलेश जैन) पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा 4 जुलाई को प्रातः 8.30 बजे विभिन्न प्रान्तों के 51 सदस्यीय दल का प्रथम बैच (लिपूलेक) दिल्ली से रवाना हुआ।
विदेश मंंत्रालय से प्राप्त जानकारी अनुसार यात्रियों का पहला दल ( लिपूलेक )30 जून को दिल्ली पहुंच कर जहां 3 जुलाई तक उनके पासपोर्ट, वीजा और मेडिकल जांच जैसी सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की गयीं । यह दल 4 जुलाई को नई दिल्ली से टनकपुर पहुंचेगा और फिर 5 जुलाई को धारचूला के लिए रवाना होगा।
इस बार यात्रा से जुड़ी सबसे अहम जानकारी यह है कि चीनी प्रशासन द्वारा साल 2018 से लगाए गए प्रतिबंध के कारण, किसी भी यात्री को पवित्र मानसरोवर झील में स्नान करने या डुबकी लगाने की अनुमति नहीं होगी। विदेश मंत्रालय ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी यात्री इस नियम का सख्ती से पालन करें और कोई भी अपने समूह (दल) से अलग न हो।
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि 51 सदस्यों में 36 पुरुष, 15 महिलायें हैं। इस दल में राजस्थान से 14 सदस्य विभिन्न जिलों से 7 सदस्य जयपुर से हैं। दल में जैन समाज से अनिल जैन गदिया महारानी फार्म जयपुर, बयाना वाले हैं, जैन को गायत्री नगर मन्दिर प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष अरूण शाह व पदाधिकारियों ने समाज की ओर से तिलक, माला व साफा पहनाकर सम्मान कर 30 जून को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना किया सभी समाज जन ने अनिल जी को बधाइयाँ प्रेषित कीं।
परिवहन व्यवस्था के तहत, यात्रियों को दिल्ली से धारचूला तक टेम्पो ट्रैवलर के जरिए ले जाया जाएगा। इसके बाद धारचूला से गुंजी और नाभीढांग तक का करीब 70 किलोमीटर का आगे का पहाड़ी सफर जीप द्वारा तय कराया जाएगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) ने यात्रियों के ठहरने और यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह बैच 21 जुलाई को वापिस दिल्ली लोटेगा।


