बिना मसौदा सार्वजनिक किए यूसीसी पर जनसुनवाई लोकतंत्र का मजाक, कांग्रेस करेगी बहिष्कार" – बलराम यादव
खैरथल-तिजारा (अमित भारद्वाज ) कांग्रेस जिला अध्यक्ष बलराम यादव ने प्रदेश सरकार के निर्देश पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में कल खैरथल -तिजारा जिला प्रशासन द्वारा आयोजित की जा रही जनसुनवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना कानून का मसौदा सार्वजनिक किए जनसुनवाई आयोजित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का खुला उल्लंघन है।
बलराम यादव ने कहा कि आज तक प्रदेश सरकार ने यूसीसी का कोई प्रारूप सार्वजनिक नहीं किया है और न ही किसी पोर्टल अथवा अन्य माध्यम से जनता के सुझाव आमंत्रित करने के लिए प्रस्तावित प्रावधान उपलब्ध कराए हैं। जब जनता को यह जानकारी ही नहीं होगी कि कानून में क्या प्रावधान हैं, तो वह सार्थक सुझाव कैसे दे सकेगी? किसी भी कानून पर जनसुनवाई से पहले उसका मसौदा सार्वजनिक करना लोकतंत्र की मूल भावना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश की जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने के लिए ऐसे संवेदनशील विषयों को जानबूझकर आगे ला रही है। धर्म, जाति और जनजाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। ऐसे कदम सामाजिक समरसता, भाईचारे और सौहार्द को प्रभावित करने वाले हैं।
बलराम यादव ने कहा कि आज प्रदेश की जनता कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है और नकली दवाइयों के कारण मरीजों की मृत्यु जैसी दुखद घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, पेपर लीक जैसी घटनाओं से उसका भविष्य अंधकारमय हो रहा है। किसान बीज और यूरिया की कमी से परेशान हैं, कृषि विभाग भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा हुआ है तथा प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता की आवाज सुनना चाहती है तो उसे इन जनहित के मुद्दों पर जनसुनवाई आयोजित कर उनके समाधान के लिए ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। जनता को उसकी वास्तविक समस्याओं से भटकाने के प्रयास बंद किए जाने चाहिए।
बलराम यादव ने प्रदेश सरकार से मांग की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बिना मसौदा सार्वजनिक किए आयोजित की जा रही यूसीसी संबंधी जनसुनवाई के आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं तथा पहले कानून का प्रारूप सार्वजनिक कर सभी पक्षों से पारदर्शी तरीके से सुझाव आमंत्रित किए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन वर्तमान स्वरूप में ही यूसीसी पर जनसुनवाई आयोजित करता हैं, तो कांग्रेस पार्टी इस जनसुनवाई का पूर्ण बहिष्कार करती है।


