भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रबी 2025-26 मौसम हेतु राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 19 जून 2025 को जारी कर दी गई है। भरतपुर जिले में इस योजना का क्रियान्वयन रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। जिले में गेहूँ, चना एवं सरसों को अधिसूचित फसलों के रूप में शामिल किया गया है तथा बीमा इकाई तहसील अथवा पटवार मंडल स्तर पर निर्धारित की गई है। कृषि विस्तार संयुक्त निदेशक सुरेश चन्द्र ने बताया कि योजना के तहत ऋणी, गैर ऋणी तथा बटाईदार कृषक सभी अपनी फसलों का बीमा करवा सकेंगे। ऋणी कृषकों के लिए फसल बीमा पूर्णतया स्वैच्छिक है, परन्तु यदि वे योजना से पृथक रहना चाहते हैं, तो उन्हें नामांकन की अंतिम तिथि से 7 दिवस पूर्व, अर्थात 24 दिसंबर तक अपनी बैंक शाखा में घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से जमा कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें स्वतः योजना में सम्मिलित माना जाएगा एवं प्रीमियम राशि उनके ऋण खातों से वसूल की जाएगी।
उन्होंने बताया कि गैर ऋणी कृषक एवं बटाईदार कृषक 31 दिसंबर तक निकटतम बैंक शाखा, डाकघर या सीएससी केंद्र के माध्यम से स्वैच्छिक बीमा करवा सकते हैं। बटाईदार कृषक को भूमि खातेदार का शपथ पत्र एवं स्वयं का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक रहेगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की परिचालन मार्गदर्शिका के अनुसार नामांकन की अंतिम तिथि से दो दिवस पूर्व, अर्थात 29 दिसंबर तक बीमित फसल के नाम में परिवर्तन करवाया जा सकता है। सभी श्रेणी के कृषकों को आधार संख्या या आधार नामांकन संख्या उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
ये होंगी फसलों की बीमा राशि, प्रीमियम दरें एवं कृषक द्वारा देय प्रीमियम -
उन्होंने बताया कि रबी 2025-26 के लिए अधिसूचित फसलों की बीमा राशि, प्रीमियम दरें एवं कृषक द्वारा देय प्रीमियम इस प्रकार है गेहूँ बीमा राशि 96,625 रूपये प्रति हेक्टेयर, प्रीमियम दर 1.8 प्रतिशत, कृषक अंश 1.5 प्रतिशत अर्थात 1449.38 रूपये रहेगी। चना बीमा राशि 70,023 रूपये प्रति हेक्टेयर, प्रीमियम दर 15 प्रतिशत, कृषक अंश 1.5 प्रतिशत अर्थात 1050.35 रूपये रहेगी। सरसों बीमा राशि 1,10,861 रूपये प्रति हेक्टेयर, प्रीमियम दर 6 प्रतिशत, कृषक अंश 1.5 प्रतिशत अर्थात 1662.92 रूपये रहेगी। उन्होंने बताया कि शेष प्रीमियम राशि का 50 प्रतिशत राज्य सरकार तथा 50 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने कृषकों से अपील की है कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले संभावित जोखिमों से बचाव हेतु निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व अपनी फसलों का बीमा अवश्य करवाएं।