सड़क पर शव के साथ प्रदर्शन करने पर हो सकती है जेल

Dec 8, 2025 - 14:00
 0
सड़क पर शव के साथ प्रदर्शन करने पर हो सकती है जेल

जयपुर (कमलेश जैन) राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद पूर्ववर्ती सरकार के कई फैसलों को रोक दिया गया। साथ ही कई योजनाओं के नाम भी बदल दिए गए। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के राज में बने एक कानून को अब भाजपा सरकार प्रदेश में लागू कर रही है। हालांकि कानून अ dr paw pp में आ चुका है लेकिन इस कानून के तहत बने नियमों को भजनलाल सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस कानून का नाम है राजस्थान मृत शरीर सम्मान अधिनियम। मृत शरीर के सम्मान में ऐसा कानून लागू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया है। राजस्थान सरकार ने मृत शरीर सम्मान अधिनियम के नियमों को मंजूरी देकर देश में पहली बार शव सम्मान से जुड़े सख्त प्रावधान लागू किए हैं।

सड़क पर शव रख कर प्रदर्शन किया तो होगी जेल
अमूमन ऐसी घटनाएं देखने को मिलती है कि किसी मृत्यु हो जाती है तो परिजन और समाज के लोग विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते हैं। सरकार से मांगें मनवाने के लिए शव को सड़क पर रखकर धरने प्रदर्शन किए जाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि 10 से 20 दिन तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होता। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार एक अधिनियम लेकर आई। विधानसभा में बिल पारित होने के बाद राज्यपाल ने भी मंजूरी दे दी। अब भजनलाल सरकार ने इस कानून के नियमों को मंजूरी दी है। सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ अब केस दर्ज होगा और जेल भी जाना पड़ सकता है।
क्या हैं प्रावधान
अगर सड़क पर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा तो कार्यपालक मजिस्ट्रेट परिजनों को नोटिस जारी करेंगे। नोटिस तामिल होने के बाद 24 घंटे के भीतर शव का अंतिम संस्कार करना होगा। अगर ऐसा हीं किया तो परिजनों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की ओर से उस शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस अधिनियम में मृत शरीर को सम्मान सहित अंतिम संस्कार के अधिकार दिए गए हैं। बिल के भुगतान के अभाव में अब अस्पताल प्रशासन भी शव को नहीं रोक सकेंगे। शव नहीं देने वाले अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई के प्रावधान किए गए हैं।
10 साल तक की सजा का प्रावधान
परिजनों द्वारा अगर शव को कब्जे में नहीं लिया गया तो ऐसे मामले में एक साल तक की सजा और जुर्माने के प्रावधान किए गए हैं। शव के साथ धरना प्रदर्शन करने या अनुमति देने पर दो साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। परिजनों के अलावा कोई व्यक्ति अगर किसी शव के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे तो ऐसे मामले में छह महीने से लेकर 5 साल तक की सजा के प्रावधान किए गए हैं। लावारिस शवों का जेनेटिक डाटा एफएसएल में सुरक्षित रखा जाएगा। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी डाटा लीक करने का दोषी पाया गया तो 3 साल से 10 साल की तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................