दीपावली के यूनेस्को की विश्व सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होने पर हुआ दीपोत्सव
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निर्देशों की अनुपालना में भारत सरकार द्वारा दीपावली के महापर्व को यूनेस्को की विश्व सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राजकीय संग्रहालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के तहत संग्रहालय परिसर में पारंपरिक दीप जलाकर दीपावली का सांस्कृतिक उत्सव मनाया गया। स्थानीय संस्कृति, कला एवं परम्पराओं को सहेजने और विश्व पटल पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। छात्राओं द्वारा संग्रहालय के दरबार हॉल के सामने एवं मुख्य द्वार पर आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं, जिनमें भारतीय संस्कृति की झलक विशेष रूप से दिखाई दी। पूरे परिसर में दीपों की रमणीय आभा से उत्सव का वातावरण बना रहा।
संग्रहालय के संग्रहाध्यक्ष राजन कुमार द्वारा छात्राओं के उत्साह, सृजनशीलता और उत्कृष्ट कला प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें परितोषिक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि दीपावली भारतीय विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक पर्व है, जिसे यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने के प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे आयोजन न केवल युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं, बल्कि विश्व स्तर पर भारतीय परंपराओं की समृद्धि को भी प्रदर्शित करते हैं। कार्यक्रम में संग्रहालय कर्मियों, विद्यार्थियों और स्थानीय कला प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।