समृद्ध भारत अभियान संस्था ने काली की बगीची श्मशान को लिया गोद
भरतपुर (विष्णु मित्तल) समृद्ध भारत अभियान संस्था ने मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए शहर के काली की बगीची श्मशान को गोद लेने का ऐतिहासिक एवं सराहनीय निर्णय लिया है। संस्था का उद्देश्य श्मशान परिसर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित, सुविधायुक्त एवं गरिमामय बनाना है, जिससे अंतिम संस्कार हेतु आने वाले नागरिकों को पीड़ा की घड़ी में किसी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा का सामना न करना पड़े।
संस्था के निदेशक सीताराम गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मीडिया के माध्यम से यह तथ्य सामने आया कि भरतपुर शहर के अधिकांश श्मशानों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक एवं उपेक्षित है। वर्षों से नियमित रख-रखाव के अभाव में श्मशान परिसरों में गंदगी का अंबार, पेयजल की गंभीर समस्या, बैठने हेतु बनी बेंचों व शेडों की जर्जर अवस्था, रास्तों की बदहाली, प्रकाश व्यवस्था की कमी तथा झाड़ियों व कंटीली घास का अनियंत्रित फैलाव जैसी समस्याएँ व्याप्त हैं।
उन्होंने बताया कि श्मशान जैसे पवित्र एवं संवेदनशील स्थलों पर इस प्रकार की अव्यवस्थाएँ न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती हैं, बल्कि शोकाकुल परिजनों की पीड़ा को और अधिक बढ़ा देती हैं। इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए समृद्ध भारत अभियान संस्था ने यह निर्णय लिया कि काली की बगीची श्मशान को गोद लेकर वहाँ चरणबद्ध तरीके से सुधार एवं विकास कार्य कराए जाएंगे।
गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक चरण में श्मशान परिसर की साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, पेयजल की समुचित व्यवस्था, बैठने के लिए सुविधाजनक बेंचों की मरम्मत अथवा नवीन बेंचों की स्थापना, अंतिम संस्कार स्थलों के आसपास समतलीकरण तथा प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भविष्य में परिसर को हरित एवं शांत वातावरण प्रदान करने के लिए पौधारोपण, मार्गों का सुदृढ़ीकरण तथा मूलभूत संरचनाओं का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यह पहल केवल एक श्मशान तक सीमित नहीं रखी जाएगी। संस्था ने शहर के अन्य श्मशानों के जीर्णोद्धार एवं समुचित रख-रखाव के उद्देश्य से अपना घर, चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स, विवेक टी वी एस मोटर्स, भरतपुर बीट्स ग्रुप सहित विभिन्न व्यापार मंडलों, सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संस्थाओं को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे भी एक-एक श्मशान को गोद लेकर इस मानवीय एवं पुण्य कार्य में सहभागी बनें।
गुप्ता ने कहा कि समाज के अंतिम संस्कार स्थलों का सुव्यवस्थित होना सभ्य समाज की पहचान है। यदि सामाजिक संस्थाएँ, उद्योगपति एवं व्यापारी वर्ग आगे आकर सहयोग करें, तो श्मशानों की स्थिति में स्थायी सुधार संभव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समृद्ध भारत अभियान की यह पहल अन्य संस्थाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और आने वाले समय में शहर के सभी श्मशान सम्मानजनक स्वरूप में विकसित हो सकेंगे।


