पतंगों संग उड़ा जागरूकता का पैगाम: डॉ. रमाकांत टीबड़ा ने किया चाइनीज मांझे के बहिष्कार का आह्वान
सीकर / सुमेर सिंह राव । बसंत विहार स्थित रोबोटिक घुटना रिप्लेसमेंट सेन्टर, टीबड़ा हॉस्पिटल की ओर से मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में सोमवार को कल्याण सर्किल पर एक विशेष सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के बीच पतंगों का वितरण किया गया, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश घर-घर पहुँचाया गया।
धूप और विटामिन-डी का बताया वैज्ञानिक महत्व हॉस्पिटल के संस्थापक व वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. रमाकान्त टीबड़ा ने सूर्य के उत्तरायण होने के वैज्ञानिक लाभ बताते हुए कहा कि संक्रांति के समय सूर्य की किरणें स्वास्थ्य का खजाना होती हैं। उन्होंने बताया कि नियमित धूप लेने से शरीर में विटामिन-डी बनता है, जो हड्डियों और दांतों की मजबूती के साथ-साथ रोगों से लड़ने की क्षमता (इम्युनिटी) को भी बढ़ाता है। उन्होंने विशेष रूप से रोबोटिक घुटना एवं कूल्हा रिप्लेसमेंट के प्रति भी लोगों को जागरूक किया।
हृदय और शुगर रोगियों के लिए भी लाभकारी है सूर्य प्रकाश कार्यक्रम में मौजूद फिजिशियन डॉ. विपिन महला व डॉ. अशोक कुमार मीणा ने बताया कि सूर्य की किरणें केवल हड्डियों ही नहीं, बल्कि हृदय और शुगर रोगियों के लिए भी वरदान हैं। धूप से मिलने वाला विटामिन-डी ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होता है, जिससे हृदय पर दबाव कम पड़ता है।
चाइनीज मांझे के बहिष्कार का संकल्प टीबड़ा हॉस्पिटल की टीम ने पतंग वितरण के दौरान युवाओं से चाइनीज मांझे का बहिष्कार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहार का आनंद तभी है जब हम दूसरों के प्रति भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं।
आयोजन में ये रहे उपस्थित इस अवसर पर डॉ. क्रुणाल राणा, डॉ. बालकृष्ण काबरा, शिव कुमार, शुभम, सज्जन कुमार, सरिता, अंजलि और अजय सहित हॉस्पिटल स्टाफ और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।