मनरेगा कमजोर करने का आरोप, कांग्रेस ने उपखंड कार्यालय के सामने किया सांकेतिक धरना; हरिशंकर मेवाड़ा बोले- मनरेगा में किए बदलाव वापस लो, रोजगार की गारंटी दो
तखतगढ़ (बरकत खान) सुमेरपुर मनरेगा बचाओ अभियान को लेकर बुधवार को कांग्रेस ने उपखंड कार्यालय के सामने सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन का नेतृत्व विधानसभा सुमेरपुर के 2023 के कांग्रेस प्रत्याशी रहे हरिशंकर मेवाड़ा, पीसीसी प्रभारी मकसूद अहमद, कांग्रेस सुमेरपुर ब्लाॅक अध्यक्ष नेपालसिंह, पाली-देहात ब्लाॅक अध्यक्ष गणेशसिंह एवं पाली प्रभारी दलबीर सिंह व इलियास माेहम्मद ने किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने SIR में बिना सूचना के नाम काटने काे लेकर एवं मनरेगा में किए जा रहे बदलावों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मनरेगा में परिवर्तन नहीं करने और सभी को रोजगार गारंटी योजना का लाभ देने की केन्द्र सरकार से मांग रखी गई।
एसडीएम कार्यालय के सामने आयोजित सभा को संबोधित करते हुए हरिशंकर मेवाड़ा ने कहा कि एसआईआर में बिना आपत्ति के नाम काटे जा रहे हैं और मतदाताओं को इसकी सूचना तक नहीं दी जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ और एसडीएम सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। नहीं ताे स्थानांतरण करने का डर दिखाया जा रहा हैं। सभा को कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पावा, वरिष्ठ कांग्रेसी भंवरसिंह चौधरी, नाहर सिंह जाखोड़ा, शंकर देवासी सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। इस माैके पर मानसिंह रामनगर, शैतान कुमार, राजेन्द्रसिंह जाखाेड़ा, सुरेश देवासी नेतरा, नासीर खान, जसवंत बलवना, कमलेश चाैहान, नरपत कुमार, लखन मीणा, अलकेश परिहार,, मंडल अध्यक्ष हरिप्रसाद, मनाेहर परमार, किरणसिंह बांकली, तखतगढ मंडल अध्यक्ष फुटरमल, गाेपीलाल, ऋषपालसिंह पराखिया, संगीतसिंह, रवि चाैहान, अमृत परिहार, अादि माैजूद रहें।
100 दिन का रोजगार और कम से कम 400 रुपए प्रतिदिन मजदूरी मिले-मेवाड़ा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरिशंकर मेवाड़ा ने कहा कि कांग्रेस शासन में आमजन को शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार की गारंटी दी गई थी, लेकिन वर्तमान मोदी सरकार मनरेगा में बदलाव कर इसे कमजोर करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रयासों से मनरेगा रोजगार गारंटी अधिनियम लागू किया गया था, जिससे गरीब तबके को गांवों में ही रोजगार मिला और वे आत्मनिर्भर बने। मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि पहले 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलता था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। इससे पिछड़े और गरीब तबके के लोगों को रोजी-रोटी के लिए प्रदेश छोड़कर पलायन करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि मनरेगा को पुनः रोजगार गारंटी कानून के तहत पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाए। कांग्रेस की मांग है कि हर व्यक्ति को 100 दिन का रोजगार और कम से कम 400 रुपए प्रतिदिन मजदूरी मिले।
काम, कानून व जवाबदेही की पूर्ण बहाली की मांग-
जिला प्रभारी अहमद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नियमों में बदलाव कर रोजगार के अवसर घटाए जा रहे हैं। पहले ग्राम पंचायतें योजना बनाकर रोजगार उपलब्ध कराती थीं, लेकिन अब मुश्किल से 40-45 दिन का ही काम मिल पा रहा है, जबकि 120-125 दिन रोजगार देने के दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा खर्च के अनुपात को 90-10 से बदलकर 60-40 किए जाने को भी गलत बताया और इसे राज्यों पर अतिरिक्त भार बताया। कांग्रेस ने मनरेगा में किए गए सभी बदलावों को वापस लेने और काम, कानून व जवाबदेही की पूर्ण बहाली की मांग की।