गोविंदगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा में शामिल में करने पर जोर, हर स्कूल से दो शिक्षकों को बनाया एंबेसडर
अलवर जिले के गोविंदगढ़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयुष्मान भारत योजना के तहत ब्लॉक स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस ट्रेनिंग संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालय में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक स्कूल से दो शिक्षकों को हेल्थ एंबेसडर बनाया गया है।
यह प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर हरगोविंद अरोड़ा और मनोज गर्ग द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण की समस्त व्यवस्थाएं नरेंद्र कुमार गुप्ता ने संभाली, जबकि तरुण कुमार अटोलिया प्रशिक्षण प्रभारी के रूप में देखरेख कर रहे थे। ये एंबेसडर शिक्षक छात्रों के बीमार पड़ने पर जानकारी प्राप्त करेंगे, ताकि बच्चों को उचित उपचार मिल सके।

- छात्रों को भी दी जाएगी ट्रेनिंग
शिक्षकों के ट्रेनिंग के बाद अब छात्रों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। नए सेटअप के अनुसार, स्कूलों में एंबेसडर और मैसेंजर की भूमिकाएं देखने को मिलेंगी। कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा। स्कूल में छात्र के बीमार होने पर मैसेंजर एंबेसडर को सूचित करेगा। चिकित्सा विभाग और राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर की साझेदारी में स्कूलों के लिए 11 बिंदुओं पर पाठ्यक्रम को नया रूप दिया गया है।
- 11 बिंदुओं पर दिया ध्यान
आयुष्मान भारत के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम में 11 प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इनमें स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना, प्रजनन स्वास्थ्य एवं एचआईवी की रोकथाम, पोषण स्वास्थ्य और स्वच्छता, पदार्थ के दुरुपयोग की रोकथाम और प्रबंधन, भावनात्मक कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य, पारस्परिक संबंधों में स्वास्थ्य बढ़ाना, जेंडर समानता, चोटों से सुरक्षा, व इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना शामिल हैं।

