गोविंदगढ़ में नकली पुलिस गैंग का हुआ खुलासा: लोगों का अपहरण कर जंगल में ले जाकर करते थे मारपीट, लाखों रुपयों की करते थे वसूली
अलवर जिले के गोविंदगढ़ में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को पुलिस बताकर लोगों का अपहरण करता था। यह गिरोह लोगों को जंगलों में ले जाकर उनसे मारपीट करता और फिरौती वसूलता था।
- 2 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में 2 हजार रुपए के इनामी हिस्ट्रीशीटर आश्रम उर्फ अंधा (45) को गिरफ्तार किया है। वह डीग जिले के जुरहरा थाना क्षेत्र के जूररी कालवास का निवासी है। आश्रम के खिलाफ लूट, नकबजनी और चोरी सहित कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- गिरोह के 4 सदस्य पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
- ई-मित्र संचालक का किया था अपहरण
अपराधी पीड़ितों को जंगलों या सुनसान स्थानों पर बने टॉर्चर रूम में ले जाते थे। वहां उन्हें बेरहमी से प्रताड़ित कर परिजनों से फिरौती वसूली जाती थी। यह गिरोह लंबे समय से संगठित अपराधों को अंजाम दे रहा था।धर्म सिंह ने यह भी बताया कि नकली पुलिस बनकर सैमला खुर्द के पास से एक ई-मित्र संचालक का अपहरण किया गया था। इस मामले में अनुसंधान जारी है।
- आरोपियों ने 4 लाख रुपए की वसूली की थी
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की बर्बरता का शिकार एक ई-मित्र संचालक और उसका दिव्यांग भाई भी हुए थे। दोनों को अगवा कर घंटों बंधक बनाकर रखा गया और उनके परिजनों से करीब चार लाख रुपए की फिरौती वसूली गई। पीड़ितों को धमकी दी गई थी कि शिकायत करने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा। इस खुलासे के बाद इलाके में लोगों के बीच चिंता का माहौल है।