केवलादेव पक्षी महोत्सव-2026 का समापन, प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ हुआ विविध कार्यक्रमों का आयोजन
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भरतपुर स्थापना दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार को वन विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय केवलादेव पक्षी महोत्सव-2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ। महोत्सव का आयोजन विश्वप्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों, पर्यटकों एवं वन्यजीव प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
डीएफओ चेतन कुमार बीवी ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में पक्षी संरक्षण, जैव विविधता और आर्द्रभूमि के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए निर्देशित पक्षी भ्रमण (बर्ड वॉक) आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने विभिन्न देशी-विदेशी पक्षियों की पहचान, उनके व्यवहार और प्रवास संबंधी जानकारी साझा की। इसके साथ ही प्रकृति आधारित कार्यशालाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
महोत्सव के दौरान पार्क प्रशासन द्वारा केवलादेव की समृद्ध जैव विविधता, वार्षिक जलपक्षी जनगणना और संरक्षण प्रयासों पर आधारित शैक्षिक स्टाल लगाए गए, जिनका विद्यार्थियों एवं पर्यटकों ने अवलोकन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में कठपुतली आधारित कहानी वाचन तथा प्रसिद्ध पक्षी नकल कलाकार सुमेध वाघमारे की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसने दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ संरक्षण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में वर्ष 2026 की केवलादेव एवं आसपास के आर्द्रभूमि क्षेत्रों की पक्षी जनगणना रिपोर्ट का विधिवत अनावरण किया गया। साथ ही केवलादेव का जैव विविधता मानचित्र भी जारी किया गया, जो शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं प्रकृति प्रेमियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
“केवलादेव लेंस के माध्यम से” फोटोग्राफी प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए गए। चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा खींचे गए पक्षियों और प्राकृतिक दृश्यों के चित्रों को सराहा गया। महोत्सव के समापन अवसर पर वन विभाग ने सभी सहभागियों, विद्यालयों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी प्रकृति संरक्षण के ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।