मुख्यमंत्री के स्वच्छ राजस्थान का सपना भरतपुर करेगा साकार
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 17 फरवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकसित, समृद्ध और स्वच्छ राजस्थान की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने मंगलवार को जिले के शहरी निकायों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ कार्यशाला आयोजित की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में स्वच्छता का विशेष महत्व है। जहां स्वच्छता होती है, वहीं देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर शौचालय निर्माण जैसे कार्यों से स्वच्छता अभियान को नई दिशा मिली है।
उन्होंने भरतपुर को स्वच्छता में अव्वल लाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ाने तथा टीम भावना से कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही पर्यटन स्थलों पर नियमित साफ-सफाई एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अभेद लोहागढ़ की तर्ज पर स्वच्छता में मिसाल बने भरतपुर
बैठक से पूर्व केके गुप्ता ने शहर के कचरा निस्तारण केंद्र, प्रमुख सड़कों एवं वार्डों में स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लोहागढ़ दुर्ग महाराजा महाराजा सूरजमल की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है, उसी प्रकार निकाय अधिकारी भी इच्छाशक्ति के बल पर भरतपुर को स्वच्छता में अभेद बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भरतपुर में स्वच्छता को लेकर कार्य हो रहे हैं, लेकिन सभी मापदंडों की पूर्ति के साथ कार्यों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। धार्मिक स्थलों जैसे किशोरी महल, गंगा मंदिर एवं बिहारी जी मंदिर सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कचरा संग्रहण से निस्तारण तक शत-प्रतिशत कार्य
बैठक में कचरा संग्रहण की जियो-टैगिंग एवं जीपीएस मॉनिटरिंग को सुदृढ़ बनाने तथा शत-प्रतिशत कचरा निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। भरतपुर शहर के 65 वार्डों में नियमित निरीक्षण, खाली भूखंडों की सफाई कर जुर्माना वसूली तथा रात्रिकालीन स्वच्छता व्यवस्था को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि साफ-सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को औचक निरीक्षण एवं नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं नागरिकों को जोड़ने के लिए बैठकें एवं पंपलेट वितरण जैसे आईईसी गतिविधियां संचालित करने पर भी जोर दिया गया।
लीगेसी वेस्ट प्लांट से मिलेगा समाधान
श्री गुप्ता ने कचरा निस्तारण केंद्र का निरीक्षण करते हुए एमआरएफ केंद्र शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लीगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) पर्यावरण के लिए हानिकारक होता है, जिसमें कंक्रीट, पॉलिथीन, रबर, कांच आदि मिश्रित रहते हैं।
लीगेसी वेस्ट प्लांट के माध्यम से पुराने कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा। इससे निकलने वाला आरडीएफ (ईंधन योग्य कचरा) सीमेंट फैक्ट्रियों को बेचा जा सकेगा, जिससे राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही कचरे से मुक्त भूमि को पुनः उपयोग में लाया जा सकेगा।
प्लास्टिक मुक्त भरतपुर का आह्वान
उन्होंने अधिकारियों को वार्ड स्तर पर टीम बनाकर प्रतिदिन निरीक्षण करने, गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने तथा प्लास्टिक मुक्त भरतपुर के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्लास्टिक से गौवंश एवं अन्य आवारा पशुओं को होने वाले नुकसान पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। बस स्टैंड, स्कूलों, सुलभ शौचालयों एवं श्मशान घाटों पर पानी, बिजली, साफ-सफाई एवं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीवरेज लाइन कार्य के बाद सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत एवं 24 घंटे में जल निकासी संबंधी समस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्वच्छ राजस्थान, हरा-भरा राजस्थान एवं जलयुक्त राजस्थान जैसे संदेशों वाले होर्डिंग-बैनर लगाने पर भी बल दिया, ताकि आमजन की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। कार्यशाला में डीडीआर रिछपाल सिंह बुरडक, निगम सचिव विजय प्रताप सिंह, शैलेष कौशिक, रूपेन्द्र, पवन गुप्ता, तेजराम मीना, योगेश पिप्पल सहित निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं सफाई निरीक्षक उपस्थित रहे।


