सियासी भंवर में भोपा बाजार ओवरब्रिज: 'Y' से 'L' मॉडल के फेर में फंसा विकास, आंदोलन की राह पर व्यापारी

Apr 23, 2026 - 11:25
 0
सियासी भंवर में भोपा बाजार ओवरब्रिज: 'Y' से 'L' मॉडल के फेर में फंसा विकास, आंदोलन की राह पर व्यापारी

​चौरी चौरा (गोरखपुर/ शशि जायसवाल) ): विकास और सियासत के बीच जब तालमेल बिगड़ता है, तो जनता को जाम और अधूरी परियोजनाओं का दंश झेलना पड़ता है। कुछ ऐसा ही हाल चौरी चौरा के भोपा बाजार रेलवे क्रॉसिंग (गेट संख्या 147 बी) पर बन रहे ओवरब्रिज का है। साल 2021 में जिस 'वाई (Y) मॉडल' की घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी, वह अब 'एल (L) मॉडल' के विवाद और स्थानीय राजनीति की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 फरवरी 2021 को क्षेत्र की जनता को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 'वाई मॉडल' ओवरब्रिज की सौगात दी थी।

​मूल योजना (Y Model): इस डिजाइन के तहत पुल का एक हिस्सा शहीद स्मारक की तरफ और दूसरा सिरा मुंडेरा बाजार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की तरफ उतरना था।

​बदलाव का आरोप: स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि काम शुरू होने के कुछ समय बाद, सत्ता के रसूखदारों से सांठ-गांठ कर नक्शा चुपचाप 'एल मॉडल' में बदल दिया गया।

​'L मॉडल' से क्यों है नाराजगी?
​विरोध कर रहे व्यापारियों और विपक्षी दलों का कहना है कि मॉडल बदलने से न केवल मुंडेरा बाजार की कनेक्टिविटी खत्म हो जाएगी, बल्कि दर्जनों दुकानें और मकान भी टूटने की कगार पर हैं। 'एल मॉडल' की वजह से शहीद स्मारक की तरफ से गाड़ियां तो उतर जाएंगी, लेकिन मुंडेरा बाजार जाने वाली सड़क इतनी संकरी हो जाएगी कि दो गाड़ियां एक साथ पास भी नहीं हो सकेंगी।

  • ​राजनीतिक सरगर्मी और दो-फाड़

​अपनों में मतभेद: खबर है कि ओवरब्रिज के मॉडल को लेकर सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं में भी दो-फाड़ हो गई है। एक धड़ा पुराने नक्शे के पक्ष में है, तो दूसरा बदलाव का समर्थन कर रहा है।

​ओबीसी पार्टी का मोर्चा: ओबीसी पार्टी के अध्यक्ष कालीशंकर यदुवंशी के नेतृत्व में व्यापारियों और सभासदों ने पदयात्रा निकालकर हल्ला बोला है। यदुवंशी का कहना है कि जब तक 'वाई मॉडल' बहाल नहीं होता, जन-आंदोलन जारी रहेगा।

​अधूरा काम, बढ़ती मुसीबत
​मार्च 2022 में भूमि पूजन के बाद इस प्रोजेक्ट को जून 2023 तक पूरा होना था। लेकिन विवादों के चलते:- 

  • ​रेलवे लाइन का काम ठप: रेलवे लाइन के ऊपर जुड़ने वाला मुख्य हिस्सा अभी तक नहीं जुड़ पाया है।
  • ​CHC वाला हिस्सा बंद: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तरफ जाने वाले हिस्से का काम पूरी तरह रुका हुआ है।
  • ​धीमी रफ्तार: पिछले चार साल से काम कछुआ गति से चल रहा है, जिससे राहगीर और स्थानीय दुकानदार बेहाल हैं।

विनोद जायसवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि - ​"जनता की सुविधा के लिए बना पुल अब उनकी मुसीबत का सबब बन गया है। शासन से 'वाई मॉडल' की संस्तुति थी, तो इसे बदला क्यों गया?" 

​सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक ए.के. सिंह को इस संबंध में पत्रक सौंपा जा चुका है। अब गेंद शासन के पाले में है। यदि जल्द ही मॉडल विवाद का हल नहीं निकला, तो यह मुद्दा आगामी चुनावों में स्थानीय स्तर पर बड़ी चुनौती बन सकता है। फिलहाल, भोपा बाजार के लोग विकास के उस 'ब्रिज' का इंतजार कर रहे हैं जो उनकी राह आसान करे, न कि उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा करे।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी [email protected] या वाट्सएप न 8094612000 पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................