ठेकेदार की मनमर्जी से हो रहा निर्माण कार्य मौके पर नहीं रहते कोई अधिकारी; नहर की खोदी गई काली मिट्टी पर चला रोलर उसी पर चल रहा कंक्रीट घटिया निर्माण कार्य
अंता (शफीक मंसूरी) अंता कोटा से निकलने वाली दाई मुख्य नहर सांगोद रोड़ की दाई नहर में करोड़ों की लागत से नहर को मजबूत रिसाव रोकने के लिए नहर को पक्की करने का निर्माण कार्य चल रहा अधिकारियों की अनदेखी करते हुए ठेकेदार अपने मनमर्जी से नहर में चल रहा कंक्रीट कार्य पर नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है नहर पर कंक्रीट करने के लिए पहले काली मिट्टी निकाली जाती है लेकिन ठेकेदार द्वारा ड्रेनेज की काली मिट्टी को उसी को रोलर लेवलिंग कर फैलाई जा रही है क्वालिटी कंट्रोल अधिकारी भी ऐसे घटिया निर्माण कार्यों को ले देकर खानापूर्ति की जाती है नहर निर्माण कार्य पर अंत अधिशासी अभियंता संबंधित अधिकारी ने आज मोके पर जाकर विजिट नहीँ की नहीं कोई अधिकारी मौके पर रहता आपको बता दे निर्माण कार्य के भ्रष्टाचार मे खेल में कमीशन हुआ बंद हिस्सेदारी चालू इसलिए ठेकेदार अपने मनमर्जी से निर्माण कार्य करता है उसे किसी भी अधिकारी का डर नहीँ रहता बे खौफ होकर काम करता है चम्बल की दाई नहर परियोजना के नाम पर सरकार द्वारा करोड़ों रुपये स्वीकृत कर सिंचाई विभाग को भेजे जा रहे हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सांगोद रोड पर मोलखी एवं बमुलिया माताजी के समीप नहर निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य बिना तकनीकी मानकों के किया जा रहा है। मौके पर सीएडी (कमांड एरिया डेवलपमेंट) विभाग का कोई कर्मचारी निगरानी के लिए उपस्थित नहीं रहता, जबकि कार्यालयों में कर्मचारी उपलब्ध हैं।आरोप है कि अधिकारी फील्ड निरीक्षण करने के बजाय कार्यालयों तक सीमित रहते हैं। इस कारण निर्माण कार्य करने वाली कंपनी मनमर्जी से काम कर रही है और केवल कागज़ों में प्रगति दर्शाकर औपचारिकता पूरी की जा रही है पिछले वर्ष किए गए नहर में कंक्रीट कार्य गारंटी के पहले ही दम तोड़ चुके हैं जगह-जगह नहर में पूरी कंक्रीट सीसी खोखली होकर जर्जर हो चुकी जिससे नहर का रिसाव होना ते है
अंता उपखंड क्षेत्र में नहर के विकास कार्यों को कागज़ों में प्राथमिकता दिए जाने और गुणवत्ता की अनदेखी के भी आरोप लगे हैं। स्थानीय नागरिकों ने उच्च स्तरीय जांच कराकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और किसानों को गुणवत्तापूर्ण सिंचाई सुविधा मिल सके।
नहर पर इस समय पक्का घटिया निर्माण कार्य जोरो पर चल रहा है आपको बता दे सांगोद रोड़ दाई मुख्य नहर जो जर्जर हालत में हो चुका थी जिससे किसानों को पूरा पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण जल संसाधन विभाग द्वारा नहर का उपखंड का काम ठेकेदार अपनी मनमर्जी के अनुसार कर रहा है निर्माण कार्य पर किसी भी अधिकारी की मॉनिटरिंग नहीं होने से ठेकेदार द्वारा लगभग 43 पारा गर्मी में निर्माण कार्य जारी है निर्माण कार्य में काली भुडा डस्ट रेट और वही केनाल से काली मिट्टी वही फैलाई जा रही है।
ऐसी भरी गर्मी में निर्माण कार्य में पानी की अधिक आवश्यकता होती है और निर्माण को भरपूर गिला रखा जाता है लेकिन यहां पर पानी के छिड़काव से ही काम चलाया जा रहा है ऐसे में इस भीषण गर्मी में कैसे यह निर्माण कार्य रुक पाएगा यह एक भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण हैनहर के निर्माण में खामियां ही खामियां पाई जा सकती है। नहर के निर्माण में कुटाई की जाने वाली मिट्टी की बिना कुटाई के ही समतल कर उस पर नाम मात्र ही छिड़काव कर खानापूर्ति कर निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण में सामग्री की हालत और भी खराब है। इधर काम कार्य रहे मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निर्माण सामग्री का मानक के अनुसार नहीं डालता ठेकेदार द्वारा बताई गई अनुसार सामग्री डाली जाती है नहर में चल रहे अधिकांश निर्माण कार्य निर्माण सामग्री से गुणवत्ता की उड़ाई जा रही है धज्जियां क्षेत्र में चल रहे विभागों में निर्माण कार्यों में अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा बिलो रेट पर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं लेकिन अधिकारियों द्वारा जी शेड्यूल में दर्शाई गई निर्माण सामग्री सें निर्माण ना करा कर घटिया किस्म के निर्माण सामग्री काम में ली जा रही है फिर भी अधिकारी इस घटिया निर्माण में कमीशन खोरी की लूट में गुणवत्ता दे रहे है अधिकारियों को जब भी फोन करोगे एक ही जवाब मिलता है मैं मीटिंग में हूं


