अंता मंडी में तुलाई ठप, किसानों ने ताला जड़ाः बोले- फसल खुले में पड़ी खराब हो रही, आंदोलन की चेतावनी दी
अंता (शफीक मंसूरी) अंता कृषि उपज मंडी के सरकारी खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाओं से नाराज किसानों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। करीब 26 मार्च से गेहूं की तुलाई बंद होने के कारण किसानों ने मंडी के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
- मंडी गेट पर किसानों ने धरना दिया
सुबह बड़ी संख्या में किसान मंडी गेट पर एकत्रित होकर धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप है कि खरीद केंद्र पर तुलाई कर रही एजेंसी बिलिंग न होने का हवाला देकर गेहूं की तुलाई नहीं कर रही है। इससे उनकी फसल खुले में पड़ी खराब हो रही है।किसानों ने बताया कि पहले बारदाना खत्म होने के कारण करीब 10 दिन तक तुलाई बंद रही थी। बारदाना आने के बाद कुछ समय के लिए तुलाई शुरू हुई, लेकिन फिर बिलिंग सिस्टम बंद होने की बात कहकर काम रोक दिया गया। कई किसान पिछले 10-15 दिनों से अपनी उपज लेकर मंडी में डटे हुए हैं।
बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश और खराब मौसम के कारण खुले में पड़ी गेहूं की फसल खराब होने की आशंका है।प्रदर्शन के दौरान कुंज बिहारी नागर, बिरधी लाल छन्दक, हेमराज पोटर, कौशल मालव, चंद्र मीणा, चेतन गौतम, प्रदीप नागर और राजू नागर सहित कई किसानों ने तुलाई तुरंत शुरू कराने और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की।
मामले की जानकारी मिलने पर कांग्रेस पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जिलाध्यक्ष हंसराज मीणा, नगर अध्यक्ष ललित गालव और ब्लॉक अध्यक्ष ओम सुमन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंडी गेट पर सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान तहसीलदार मंजर दीवान भी मौके पर पहुंचे।कांग्रेस नेताओं और किसानों ने तहसीलदार मंजर दीवान को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। तहसीलदार की समझाइश के बाद किसानों ने मंडी का ताला खोल दिया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तुलाई शुरू नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


