पंडेर पंचायत में फिर पलटा सत्ता का खेल: दूसरी बार निलंबित हुई ममता जाट, उपसरपंच को मिला प्रशासक पद
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) उपतहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत पंडेर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक खींचतान का केंद्र बन गई है। ग्राम पंचायत की निवर्तमान सरपंच एवं प्रशासक ममता जाट को दूसरी बार पद से हटाते हुए उपसरपंच शंकर लाल गुर्जर को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार ममता जाट को पहली बार 7 मई 2025 को कथित नियम विरुद्ध पट्टा प्रकरण में पंचायतीराज विभाग द्वारा निलंबित किया गया था। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में याचिका दायर की, जिस पर 4 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश जारी किया था। आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद करीब सात माह तक विभाग ने आदेश की पालना नहीं करवाई। इसके बाद ममता जाट ने अवमानना याचिका दायर की। अवमानना नोटिस जारी होते ही 4 फरवरी 2026 को उन्हें दोबारा प्रशासक पद का कार्यभार सौंपा गया।
ममता जाट का आरोप है कि पदभार संभालने के बाद भी पंचायत समिति जहाजपुर द्वारा ग्राम पंचायत की एसओ आईडी बंद रखी गई तथा ग्राम विकास अधिकारी को पंचायत कार्यालय नहीं भेजा गया। पंचायत कार्यालय पर ताले लटके रहे, जिससे पंचायत कार्य प्रभावित हुए।
इधर पंचायतीराज विभाग जयपुर द्वारा नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने की शिकायतों की जांच के बाद 11 मई 2026 को ममता जाट को प्रशासक पद से पदमुक्त करने का निर्णय लिया गया। इसी आदेश की पालना में जिला परिषद भीलवाड़ा के निर्देश पर शुक्रवार को ग्राम विकास अधिकारी अभिषेक परिहार ने वार्ड 17 के उपसरपंच एवं प्रशासकीय समिति सदस्य शंकर लाल गुर्जर को ग्राम पंचायत पंडेर का प्रशासक पदभार ग्रहण करवाया।
भाजपा नेताओं का कहना है कि नियम विरुद्ध पट्टों की शिकायतों के चलते जांच हुई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
वहीं ममता जाट ने पूरे मामले को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए कहा कि महिला सरपंच होने के कारण विधायक गोपीचंद मीणा द्वारा बार-बार झूठी शिकायतें कराकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहेगा।


