राउमावि कठूमर चोरी प्रकरण का खुलासा: एक नाबालिग दस्तयाब, चोरी की एलईडी टीवी बरामद; दो साथी फरार
कठूमर (दिनेश लेखी) कठूमर थाना पुलिस ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावि) कठूमर में पिछले दिनों हुई चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) को दस्तयाब करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने दस्तयाब किए गए नाबालिग के कब्जे से स्कूल से चोरी की गई एक एलईडी टीवी भी बरामद कर ली है। इस वारदात में शामिल उसके दो अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
- भरतपुर से आकर रची थी चोरी की साजिश
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि दस्तयाब किया गया नाबालिग मूल रूप से रुदावल थाना क्षेत्र का रहने वाला है और भरतपुर में रहकर पढ़ाई करता था। उसने अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर कठूमर स्कूल में चोरी करने की योजना बनाई। योजना के मुताबिक, तीनों आरोपी 13 मई की रात को भरतपुर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर कठूमर पहुंचे। आरोपियों ने रात के अंधेरे में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में प्रवेश किया और कई कमरों के ताले तोड़कर वहां रखी एलईडी टीवी, इनवर्टर व अन्य कीमती सामान समेटकर फरार हो गए थे।
- तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य विराग चौहान ने कठूमर थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। थानाधिकारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर संदिग्ध नाबालिग को घेराबंदी कर दस्तयाब किया। पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने चोरी की वारदात कबूल करते हुए अपने फरार साथियों के नामों का भी खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर शेष सामान बरामद कर लिया जाएगा।
- सुरक्षा बढ़ाने की उठ रही मांग
कठूमर के इस प्रतिष्ठित सरकारी स्कूल में चोरी की यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी विद्यालय में कई बार चोरियां हो चुकी हैं। लगातार हो रही इन वारदातों से स्कूल प्रशासन, छात्र-छात्राओं और स्थानीय कस्बेवासियों में गहरा रोष और चिंता व्याप्त है। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि स्कूल परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कस्बे में पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और भामाशाहों के सहयोग से स्कूल में तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


