भरतपुर विकास के लिए स्वीकृत योजनाओं को पूरा करने व भूमि पूलिंग पर पुर्नविचार करने का आग्रह
भरतपुर (विष्णु मित्तल) समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि भरतपुर शहर के विकास के लिए स्वीकृत योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करें ताकि भरतपुर वासियों को इनका लाभ मिल सके साथ ही भरतपुर विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित भूमि पूलिंग योजना पर पुनर्विचार किया जाये । जिससे ग्रामीण एवं शहर वासियों के मन में पैदा हुआ भ्रम दूर हो सके । गुप्ता ने पत्र में कहा है कि भरतपुर शहर में वर्षों पूर्व विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहित एवं आवंटित की जा चुकी है, जिनमें स्कीम-13 , एसपीज़ेड क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट नगर, बिल्डिंग मटेरियल मार्केट सहित अनेक योजनाएं शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में आज भी सड़क, सीवरेज, पेयजल, विद्युत, पार्क, स्ट्रीट लाइट एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास नहीं हो पाया है। इससे आम नागरिकों, व्यापारियों, निवेशकों तथा भू-स्वामियों में असंतोष एवं निराशा का वातावरण बना हुआ है। अधूरी योजनाओं के कारण प्रभावित हो रहा शहर का विकास केवल नई योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि पहले से स्वीकृत योजनाओं को धरातल पर पूर्ण रूप से विकसित करने से होता है। यदि पुरानी योजनाएं वर्षों तक अधूरी पड़ी रहें और नई भूमि अधिग्रहण योजनाएं प्रारंभ कर दी जाएं, तो इससे आमजन का प्रशासनिक व्यवस्था एवं विकास प्राधिकरणों पर विश्वास कमजोर होता है। पत्र में यह भी कहा गया कि जिन नागरिकों एवं भू-स्वामियों ने वर्षों पूर्व विकास की उम्मीद के साथ निवेश किया था, वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं। ऐसे में नई भूमि पूलिंग योजनाओं को लागू करने से पहले पूर्व स्वीकृत योजनाओं का विकास पूर्ण किया जाना आवश्यक है।
भरतपुर में विकास की नई संभावनाओं का उल्लेख करते हुए पत्र में कहा है कि वर्तमान समय में भरतपुर में विकास की व्यापक संभावनाएं है । ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे, आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाएं तथा औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के कारण भरतपुर तेजी से विकास के नए चरण में प्रवेश कर रहा है। ऐसे समय में योजनाबद्ध एवं संतुलित विकास की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है। यदि वर्तमान में अधूरी पड़ी योजनाओं को विकसित कर आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए, तो यह न केवल शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करेगा बल्कि निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा। प्रशासन से प्राथमिकता तय करने के सम्बन्ध में लिखे गये पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन एवं भरतपुर विकास प्राधिकरण से मांग की गई है कि नई भूमि अधिग्रहण एवं भूमि पूलिंग योजनाओं को लागू करने से पूर्व शहर की लंबित एवं अधूरी योजनाओं के विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। साथ ही आमजन, भू-स्वामियों, व्यापारिक संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं से व्यापक संवाद स्थापित कर पारदर्शी एवं जनहितकारी विकास नीति अपनाई जाए।


