खेल से फिटनेस, तकनीक से भविष्य; केंद्रीय मंत्री ने युवाओं को दिया नया विजन, हार कर भी फिर उठना सिखाते हैं खेल: भूपेन्द्र यादव
खैरथल (हीरालाल भूरानी) केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने एशियन बीच गेम्स में कबड्डी प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर देश और क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ी जय भगवान के स्वागत एवं सम्मान समारोह में शिरकत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने जय भगवान को साफा पहनाकर सम्मानित किया तथा उनकी उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है। जय भगवान की मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने क्षेत्र के युवाओं को खेलों के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा दी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल करियर और सम्मान का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने की दृष्टि भी प्रदान करते हैं। खेल हमें संघर्ष, अनुशासन और “हार कर भी दोबारा खड़े होकर प्रयास करने” की भावना सिखाते हैं।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री की कविता की पंक्तियां क्या हार में, क्या जीत में, किंचित नहीं भयभीत मैं, कर्तव्य पथ पर जो भी मिला, यह भी सही, वो भी सही का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल शरीर में नई ऊर्जा भरते हैं और लक्ष्य प्राप्ति तक लगातार प्रयास करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए “फिट इंडिया” के संदेश के माध्यम से देशभर में खेलों को बढ़ावा मिला है तथा खेल भावना व्यक्ति को हर परिस्थिति में सकारात्मक बनाए रखती है।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से खेलों में सक्रिय भागीदारी करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
यादव ने अलवर सांसद खेल उत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से आयोजित इस खेल उत्सव ने क्षेत्र की हजारों प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया है। विभिन्न खेलों में युवाओं ने अपने हुनर का प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ, कुश्ती स्टेडियम सहित कई विकास कार्य किए गए हैं। खैरथल क्षेत्र के बंबोरा गांव स्थित सद्भावना केंद्र में कुश्ती खेल को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की गई है। वहीं भिवाड़ी में बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा द्वितीय चरण का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है, जिससे विभिन्न खेलों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने गांव स्तर पर ग्रामीण के सहयोग से कबड्डी स्टेडियम एवं ट्रैक विकसित करने की भी बात कही।
उन्होंने शिक्षा एवं तकनीक के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में 101 ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा को पूरा करते हुए अब अलवर संसदीय क्षेत्र में 133 ई-लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही स्वयं सहायता समूहों के लिए 43 क्लस्टरों में कार्यालय भवन विकसित किए जाएंगे। उन्होंने विज्ञान, तकनीक, अंग्रेजी और गणित विषयों को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों को इन विषयों में दक्ष बनने का आह्वान किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित कराने एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
अपने संबोधन में उन्होंने सलारपुर में स्थापित राजस्थान के पहले सेमीकंडक्टर क्लस्टर का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बालक बालिकाओं—को खेल, उद्योग और नई तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं विकसित करनी होंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि खैरथल तिजारा जिला भविष्य में देश का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बन सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जय भगवान का जोरदार स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, विधायक ललित यादव, जिला अध्यक्ष महासिंह चौधरी, क्रीड़ा भारती से रामानंद चौधरी, खिलाड़ी दीपक निवास हुड्डा, महेश गुप्ता, करण सिंह, ईश्वर, अनूप यादव, इंद्र यादव, अमित, सरपंच देवेंद्र, अंजली यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।


