ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के लिए न्यायपालिका और कार्यपालिका की अनूठी पहल; जस्टिस समीर जैन साइकिल से, तो न्यायिक अधिकारी कारपूलिंग कर पहुंचे कोर्ट
जयपुर (कमलेश जैन) पीएम नरेन्द्र मोदी की ओर से ऊर्जा संरक्षण को लेकर देशवासियों से किए गए आह्वान का असर हर तरफ दिखाई देने लगा है। बीते दिनों कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने अपने एस्कॉर्ट वाहन को छोड़ दिया। वहीं, अब जस्टिस समीर जैन लंबी दूरी तय कर साइकिल के जरिए हाईकोर्ट पहुंचे।
चार न्यायिक अधिकारी एक कार में :जस्टिस समीर जैन ने अपने सरकारी लग्जरी वाहन का उपयोग छोड़कर साइकिल से हाईकोर्ट पहुंचकर ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ फिटनेस का संदेश भी दिया। गांधीनगर स्थित अपने सरकारी निवास से साइकिल के जरिए हाईकोर्ट पहुंचने के दौरान शूट किए वीडियो में उनके साथ कोई सुरक्षाकर्मी भी नजर नहीं आ रहा है।
दूसरी ओर निचली अदालतों के कई पीठासीन अधिकारी भी कार पूलिंग कर अदालत पहुंच रहे हैं। सरकारी आवास से बनीपार्क स्थित सेशन कोर्ट की दूरी काफी अधिक होने के कारण न्यायिक अधिकारियों ने साइकिल के बजाए कार पूलिंग चुना है इसके जरिए चार न्यायिक अधिकारी एक कार में सवार होकर अदालत पहुंच रहे हैं।
सरकारी अफसरों और जजों के इस तरह के प्रयासों से न केवल ऊर्जा संरक्षण किया जा रहा है, बल्कि सड़कों पर वाहनों के भार में भी कमी आई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों ऊर्जा संरक्षण के लिए देशवासियों का आह्वान करते हुए ईंधन और खाद्य तेज का कम से कम उपयोग करने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने अपने बेड़े में वाहनों की संख्या भी काफी कम कर दी थी।
प्रदेश में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अपने साथ चलने वाले वाहनों की संख्या को काफी कम कर दिया, शुक्रवार को एक कार्यकम में तो वे ईवी के जरिए पहुंचे। दूसरी ओर प्रदेश के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा सरकारी वाहन छोड़कर रोडवेज की बस से फागी पहुंचे थे।


