निर्जला एकादशी पर सामाजिक सरोकार: राजगढ़ में भामाशाहों ने राहगीरों को पिलाया ठंडा व मीठा शर्बत
राजगढ़ (अनिल गुप्ता) कस्बे में एकादशी के पवित्र पर्व के अवसर पर धार्मिक और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल देखने को मिली। भीषण गर्मी और तपती धूप को देखते हुए स्थानीय समाजसेवियों और आमजन के सार्वजनिक सहयोग से मुख्य मार्गों पर ठंडे और मीठे शर्बत की प्याऊ लगाई गई। इस दौरान हजारों राहगीरों और वाहन चालकों को शर्बत पिलाकर पुण्य कमाया गया।
- पुण्य कर्म में सहभागी बने आमजन:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी (विशेषकर निर्जला एकादशी) पर जल सेवा को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इसी भावना के साथ कस्बे के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं ने एकजुट होकर प्याऊ का आयोजन किया। सुबह से ही सेवाभावी लोग राहगीरों, राह चलते राहगीरों, महिलाओं और बच्चों को रोक-रोकर आदर सहित ठंडा, सुगंधित और मीठा शर्बत पिलाते नजर आए।
- राहगीरों को मिली भारी राहत:
तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच सफर कर रहे लोगों के लिए यह प्याऊ संजीवनी साबित हुई। ठंडे शर्बत से गले को तर करने के बाद राहगीरों ने इस पुनीत कार्य की खुले दिल से सराहना की और सेवादारों का आभार व्यक्त किया।
आयोजन से जुड़े सहयोगियों ने बताया कि सनातन धर्म में जीव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, सौहार्द और सेवा की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय व्यापारियों, युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने तन-मन-धन से अपना सक्रिय योगदान दिया।


