पुलिस की क्राइम मीटिंग में अपराधियों पर सख्ती के निर्देश; लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, साइबर अपराधों पर रोक और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना (IPS) की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग (अपराध गोष्ठी) आयोजित की गई। बैठक में जिलेभर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वृत्ताधिकारी, थानाधिकारी एवं विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय धर्मेन्द्र कुमार यादव (RPS), सहायक पुलिस अधीक्षक वृत शहर भरतपुर श्रीमती आशिमा वासवानी (IPS) सहित क्राइम ब्रांच, साइबर सेल, एमओबी शाखा, डीएसबी शाखा और बल शाखा के अधिकारी भी शामिल हुए।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने कहा कि अपराध गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रणनीति तैयार करना तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं न्यायोचित निस्तारण को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आमजन को भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
- लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
पुलिस अधीक्षक मीना ने सभी थानाधिकारियों से कानून-व्यवस्था की स्थिति और हाल ही में घटित आपराधिक घटनाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने लंबित प्रकरणों एवं परिवादों की प्राथमिकता के आधार पर त्वरित जांच कर न्यायोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर जल्द समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
- हिस्ट्रीशीटरों और आदतन अपराधियों पर रहेगी कड़ी नजर
क्राइम मीटिंग में जिले के चिह्नित अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों एवं आदतन बदमाशों पर सतत निगरानी रखने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई को प्राथमिकता देने तथा थाना स्तर पर बीट प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए।
- साइबर ठगी, अवैध हथियार और मादक पदार्थों पर विशेष अभियान
बैठक में पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों जैसे एरिया डॉमिनेशन, ऑपरेशन एंटीवायरस और ऑपरेशन अरावली की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने साइबर ठगी, चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अवैध हथियार, अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब, अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने को कहा।
- महिला एवं बाल अपराधों को गंभीरता से लेने के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने महिला एवं बाल अपराधों, दलित एवं कमजोर वर्ग के खिलाफ होने वाले अपराधों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गंभीर अपराधों में वांछित अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
- सामुदायिक पुलिसिंग और जनविश्वास बढ़ाने पर जोर
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए ताकि लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हो सके।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध एवं भयमुक्त जिले की परिकल्पना को साकार करने के लिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


