नंगली ओझा चारागाह में 'जल चौपाल' आयोजित, जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प
खैरथल (हीरालाल भूरानी) वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिलेभर में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन को लेकर व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा ग्राम पंचायत नंगली ओझा स्थित चारागाह विकास कार्यस्थल पर जल चौपाल, श्रमदान एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया। चारागाह क्षेत्र में स्वच्छता एवं साफ-सफाई अभियान चलाया गया तथा निर्मित जोहड़ में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। ग्राम में निकाली गई प्रभात फेरी के माध्यम से जल बचाओ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
अधिशासी अभियंता छत्रपाल यादव ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पक्षियों के लिए परिंदे लगाए गए तथा आगामी वृक्षारोपण कार्यक्रमों की तैयारी के तहत गड्ढे खोदे गए। इस अवसर पर ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई और वर्षा जल संचयन को अपनाने का आह्वान किया गया।
अभियान के तहत पंचायत समिति किशनगढ़ बास के नांगल मोहम्मदपुर तथा पंचायत समिति तिजारा की ग्राम पंचायत नाखनौल में भी विभिन्न जनहितकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के अंतर्गत जिले में पूर्ण किए गए 75 कार्यों का जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा अवलोकन किया गया। इन कार्यों के माध्यम से जल संरक्षण के सकारात्मक परिणामों और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अधिशाषी अभियंता क्षत्रपाल यादव, सरपंच धर्मेंद्र चौधरी, कनिष्ठ अभियंता राहुल चौधरी, राकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं आमजन ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और सामूहिक प्रयासों से ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं पर्यावरण संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


