भीलवाड़ा की पावन धरा पर पहली बार 8 जून से होगा भव्य 'विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ'; हनुमान टेकरी स्थित काठियाबाबा आश्रम में तैयारियां शुरू
भीलवाड़ा, (राजकुमार गोयल) पुरुषोत्तम मास के परम पावन और दुर्लभ अवसर पर धर्मनगरी भीलवाड़ा शहर के आध्यात्मिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर में पहली बार सात दिवसीय भव्य 'विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह ऐतिहासिक अनुष्ठान शहर के छोटी हरणी हनुमान टेकरी स्थित विख्यात काठियाबाबा आश्रम में आयोजित होगा। आश्रम के महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के पावन सान्निध्य में होने वाले इस महायज्ञ का शुभारंभ 8 जून से होगा, जिसका विधिवत समापन 14 जून को महापूर्णाहुति के साथ किया जाएगा। इस वृहद धार्मिक उत्सव को लेकर आश्रम परिसर में व्यापक स्तर पर तैयारियां और विशाल पांडाल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
महायज्ञ की महत्ता और शास्त्रीय विधान की जानकारी देते हुए महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा ने बताया कि इस भव्य अनुष्ठान के यज्ञाचार्य श्रीधाम वृन्दावन के सुप्रसिद्ध आचार्य श्री मुकेश अवस्थी महाराज होंगे। महायज्ञ के साथ-साथ इस सात दिवसीय अवधि में श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आनंद को द्विगुणित करने हेतु वृन्दावन के प्रख्यात रसिया कलाकारों द्वारा प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से अत्यंत भक्तिपूर्ण एवं मनमोहक रासलीला का मंचन भी आश्रम परिसर में किया जाएगा। महायज्ञ के निमित्त एक भव्य यज्ञ मंडप तैयार किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन यजमानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां प्रदान की जाएंगी।
इस महायज्ञ की एक अनूठी और विशेष धार्मिक विशेषता यह होगी कि पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत भगवान श्री हरि और आदिशक्ति माता लक्ष्मी की विशेष अनुकंपा प्राप्त करने हेतु 111 विशेष कलशों को 'लक्ष्मी सूक्त' मंत्रों से सिद्ध एवं अभिमंत्रित किया जाएगा। महायज्ञ की पूर्णता के पश्चात इन अत्यंत पवित्र और सिद्ध लक्ष्मी कलशों को मुख्य यजमानों को ससम्मान उनके घरों में सुख-समृद्धि हेतु प्रदान किया जाएगा। महन्त जी के अनुसार, विभिन्न दुर्लभ औषधियों और विशिष्ट वनस्पतियों से होने वाला यह महायज्ञ मुख्य रूप से दसविद् लक्ष्मी प्राप्ति, ऋण मुक्ति, असाध्य रोगों के नाश तथा समूचे राष्ट्र के कल्याण एवं लोक मंगल की भावना के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
महायज्ञ की समय सारणी की घोषणा करते हुए आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिन 8 जून को प्रातः 8 बजे श्री चारभुजानाथ मंदिर (छोटी हरणी) से एक भव्य एवं विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो पारंपरिक वाद्यों और भजनों के साथ यज्ञ मण्डप तक पहुंचेगी। तत्पश्चात, यज्ञ मण्डप प्रवेश, देव स्थापना पूजन, वेदी पूजन तथा अरणि मंथन द्वारा पवित्र अग्नि प्रज्वलन कर महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ होगा। इसके अगले दिन, 9 जून को यज्ञ में विशेष द्रव्यों जैसे शुद्ध गुड़, केसर, अनार, हरिद्रा (हल्दी) एवं नाना प्रकार की औषधियों से विशेष आहुतियां दी जाएंगी। महायज्ञ की महापूर्णाहुति 14 जून को अभिजीत मुहूर्त में संपन्न होगी, जिसके उपरांत महाआरती एवं विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का वितरण समाज के सभी वर्गों के लिए किया जाएगा।
महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा ने धर्मनगरी के समस्त श्रद्धालुओं से इस सप्त दिवसीय आयोजन में सपरिवार सम्मिलित होकर धर्म लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस महायज्ञ में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय और उत्साहजनक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इस वृहद धार्मिक अनुष्ठान को पूर्णतः सफल और भव्य रूप देने में छोटी हरणी के समस्त ग्रामवासियों एवं स्थानीय स्वयंसेवकों का भी अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हो रहा है।


