आईएफडब्ल्यूजे की प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 6 -7 जून को आबू में होगी आयोजित
जयपुर (कमलेश जैन) आबू रोड। देश के प्रथम, अग्रणी और राजस्थान प्रदेश के सबसे विस्तृत इकाइयों वाले पत्रकार संगठन इंडियन फैडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आगामी 06 और 07 जून को आबू रोड में आयोजित होने जा रही है। राजस्थान की वर्तमान पत्रकारिता, संगठनात्मक मजबूती और पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिहाज से इस बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आईएफडब्ल्यूजे (IFWJ) के प्रदेश नेतृत्व के अनुसार, यह बैठक ऐतिहासिक होने वाली है क्योंकि पहली बार राजस्थान के सभी 41 जिलों के प्रतिनिधि एक साथ एक मंच पर जुट रहे हैं। इस दो दिवसीय मंथन में प्रदेश भर से 112 आमंत्रित वरिष्ठ पत्रकार, संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, सभी जिलों के अध्यक्ष और महासचिव भाग लेंगे।
दो दिवसीय बैठक की रूपरेखा और मुख्य एजेंडा:
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प्रथम दिन (6 जून) - सांगठनिक ढांचा और चिंतन: प्रथम दिन उद्घाटन सत्र के बाद दूसरे सत्र में सभी पदाधिकारियों का परिचय होगा। संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए इसके संविधान में जरूरी संशोधनों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही संभाग, जिला, विधानसभा और उपखंड स्तर पर नेतृत्व को लेकर चिंतन-मनन होगा।
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द्वितीय दिन (7 जून) - भविष्य का रोडमैप और पत्रकार कल्याण: दूसरे दिन के पहले सत्र में सभी 41जिलों के अध्यक्ष व महासचिव अपनी जिलावार रिपोर्ट और सुझाव प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी के रिक्त पदों पर नवीन मनोनयन की घोषणा होगी।
पत्रकार हित में लिए जाएंगे ये बड़े फैसले:
बैठक के समापन सत्र में पत्रकारों के कल्याण के लिए कई योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए विशेष कमेटियों (समितियों) का गठन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से:
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संगठन के प्रदेश कार्यालय का सुचारू संचालन।
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आईएफडब्ल्यूजे की अपनी पाक्षिक पत्रिका का प्रकाशन और डिजिटल न्यूज़ चैनल की शुरुआत।
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पत्रकार साथियों के लिए सामूहिक बीमा योजना।
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संकट के समय मदद के लिए 'आपात आर्थिक कोष' की स्थापना।
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पत्रकारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग देना।
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सरकार के समक्ष रखे जाने वाले संगठन के मांग पत्र के प्रारूप को अंतिम रूप देना।
इस दो दिवसीय बैठक में लिए जाने वाले निर्णय न केवल आईएफडब्ल्यूजे संगठन को नई ऊर्जा देंगे, बल्कि प्रदेश में कार्यरत पत्रकारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को भी सुदृढ़ता प्रदान करेंगे।


