बलाना जानलेवा हमला प्रकरण: चार लोगों के सिर पर सरियों से वार करने वाले आरोपी 24 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर
तखतगढ़ (पाली/बरकत खान) स्थानीय थाना क्षेत्र के बलाना रोड पर गत 9 मई को हुए बहुचर्चित जानलेवा हमला प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना को 24 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तथा घायलों के सिर की मेजर सर्जरी व गंभीर फ्रैक्चर जैसे मेडिकल साक्ष्यों के बाद भी पुलिस द्वारा हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) से संबंधित गंभीर धाराएं नहीं जोड़ने को लेकर पीड़ित परिवार एवं मीणा समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
हमले की पूरी पृष्ठभूमि और घटनाक्रम: खारचियावास निवासी मुकेश कुमार मीणा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 8 मई की रात्रि को दूजाना निवासी रमेश कुमार मीणा ने शराब के नशे में फोन कर प्रार्थी को जान से मारने की धमकियां दी थीं। अगले दिन 9 मई को दोपहर लगभग 3 बजे आरोपी रमेश कुमार, भगाराम, श्रवण, सुरेश, कानाराम, अरविंद, चैनाराम सहित अन्य 5-6 व्यक्ति लोहे के सरिए एवं रॉड लेकर प्रार्थी के घर में घुस गए और तोड़फोड़ करते हुए मुकेश और जितेन्द्र को खत्म करने की धमकी दी।
घर पर पुरुषों की अनुपस्थिति जानकर आरोपी बलाना रोड स्थित नेशनल हाईवे-325 पर टायर पंचर दुकान के समीप घात लगाकर बैठ गए। वहां से गुजर रहे बाबूलाल मीणा, जितेन्द्र कुमार मीणा, मांगीलाल मीणा एवं बीच-बचाव करने आए पुराराम मीणा पर आरोपियों ने लोहे के सरियों और रॉड से ताबड़तोड़ प्राणघातक हमला कर दिया। हमलावरों ने सीधे पीड़ितों के सिर को निशाना बनाया, जिससे चारों व्यक्ति लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों की गंभीर चिकित्सकीय स्थिति:
- पुराराम मीणा: सिर में अत्यंत गंभीर चोट आने के कारण इन्हें गुजरात के अहमदाबाद रेफर करना पड़ा, जहां विशेषज्ञों द्वारा इनके सिर की मेजर सर्जरी (ऑपरेशन) की गई।
- बाबूलाल मीणा: सिर में गहरी चोट के साथ-साथ हाथ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर आया है।
- जितेन्द्र कुमार मीणा: सिर पर हुए वार के कारण कानों से लगातार रक्तस्राव (ब्लिडिंग) होने की वजह से इन्हें भी आपातकालीन स्थिति में गुजरात रेफर किया गया।
- मांगीलाल मीणा: सिर में गंभीर चोट आने के साथ-साथ इनके जबड़े की हड्डी टूट (फ्रैक्चर) गई है।
प्रभावशाली लोगों के दबाव और पुलिस संरक्षण का आरोप: पीड़ित परिवार का आरोप है कि इतने गंभीर मामले, मेडिकल रिपोर्ट्स, फ्रैक्चर और सिर के ऑपरेशनों के बावजूद पुलिस इस जघन्य अपराध को सामान्य मारपीट की तरह ले रही है। उच्च अधिकारियों के समक्ष बार-बार गुहार लगाने के बाद भी किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। आरोपी खुलेआम क्षेत्र में घूम रहे हैं, जिससे गवाहों और पीड़ित परिवार में असुरक्षा और भय का माहौल है। परिवार इस समय अत्यधिक मानसिक तनाव, आर्थिक संकट और भय के साये में जीने को मजबूर है।
उग्र आंदोलन और थाने के घेराव की चेतावनी: पीड़ित परिवार और समाज के प्रबुद्ध जनों ने संयुक्त रूप से पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि घायलों के चिकित्सकीय दस्तावेजों, फ्रैक्चर व सर्जरी रिपोर्ट के आधार पर मामले में तत्काल हत्या के प्रयास सहित अन्य उपयुक्त गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं और सभी नामजद आरोपियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए। यदि प्रशासन ने शीघ्र ही न्यायोचित कार्रवाई नहीं की, तो तखतगढ़ पुलिस थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस व प्रशासन की होगी।


