सोमवती अमावस्या 15 जून को: अधिक मास और आनंद योग के साथ बन रहे कई दुर्लभ संयोग; पितृ तर्पण और दान-पुण्य का मिलेगा विशेष लाभ
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) सोमवती अमावस्या 15 जून को है। इस बार जून में पड़ने वाली अमावस्या बेहद खास मानी जा रही है। इस दिन एक साथ कई संयोग बन रहे हैं। शास्त्रों के मुताबिक इस दिन स्नान, दान करने का विशेष पुण्य मिलता है।
पंडित योग शिक्षक लोकेश कुमार ने बताया कि हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को बेहद पवित्र और प्रभावशाली दिन माना जाता है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस बार साल की पहली सोमवती अमावस्या अधिक मास में पड़ रही है, जिससे इसका फल कई गुना बढ़ जाएगा।
पं. के मुताबिक इसके अलावा आनंद योग, मृगशिरा नक्षत्र रहेगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धा पूर्वक पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है ।तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही, यह दिन पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
सोमवती अमावस्या पर शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस बार सोमवती अमावस्या अधिक मास के कृष्ण पक्ष में पड़ रही है। अमावस्या तिथि की शुरुआत 14 जून को दिन में 11:14 बजे शुरू होंगी। 15 जून को सुबह 8:45 तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार 15 जून को सोमवार को अमावस्या मनाई जाएगी।
सोमवती अमावस्या पर क्या करें
सोमवती अमावस्या को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए व्रत रखकर भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करें। साथ ही पीपल के वृक्ष की पूजा और उसकी परिक्रमा करनी चाहिए। इस दिन गंगा-यमुना या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए।


