किंग कोबरा के जहर पर डॉक्टरों की जीत: डेढ़ घंटे में 25 एंटी स्नेक वेनम देकर बचाई महिला की जान
झाड़-फूंक नहीं, समय पर उपचार बना जीवनदान; जहाजपुर उपजिला चिकित्सालय की तत्परता से टला बड़ा हादसा
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) बारिश के मौसम में जहरीले सांपों का खतरा बढ़ने के बीच जहाजपुर उपजिला चिकित्सालय के चिकित्सकों ने त्वरित उपचार कर एक महिला की जान बचाकर मिसाल पेश की। सोमवार अलसुबह करीब 6 बजे बिहाड़ा रोड स्थित एक ईंट भट्टे पर कार्यरत छत्तीसगढ़ निवासी कविता पत्नी रमेश काटेकर को किंग कोबरा ने डस लिया। गंभीर हालत में परिजन महिला को उपजिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। परिजन सांप को मारकर भी अपने साथ अस्पताल लेकर आए थे।
महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नईम अख्तर ने बिना समय गंवाए इमरजेंसी उपचार शुरू किया। आवश्यक दवाइयों के साथ महिला को स्नेक एंटी वेनम दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि किंग कोबरा का विष शरीर में न्यूरोटॉक्सिक एवं हीमोटॉक्सिक प्रभाव उत्पन्न करता है, जिससे समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीज की जान बचाना बेहद कठिन हो जाता है।
महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए करीब डेढ़ घंटे के भीतर 25 डोज स्नेक एंटी वेनम दी गईं और अन्य आवश्यक जीवनरक्षक उपचार भी किया गया। चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिलीप मीणा ने बताया कि उपचार के बाद महिला की स्थिति अब स्थिर है और सभी आवश्यक पैरामीटर सामान्य हो गए हैं। एहतियात के तौर पर महिला को अगले दो दिन चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।
डॉ. दिलीप मीणा और डॉ. नईम अख्तर ने आमजन से अपील की कि बारिश के मौसम में किंग कोबरा, करैत, वाइपर जैसे विषैले सांप बाहर निकल आते हैं। ऐसे मामलों में झाड़-फूंक या झोलाछाप चिकित्सकों के भरोसे समय न गंवाएं, बल्कि मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर मिला उपचार ही जीवन बचा सकता है।
महिला के परिजनों ने चिकित्सकों और पूरे अस्पताल स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले उपचार के कारण उनकी परिजन की जान बच सकी।

