कथक नृत्यांगना स्तुति बिड़ला का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) रमा कथक संस्थान की प्रतिभाशाली कथक नृत्यांगना स्तुति बिड़ला ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि अपने नाम करते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त किया है। आचार्य नंदीकेश्वर द्वारा निर्देशित 55 विभिन्न वर्णित हस्त मुद्राओं का प्रभावशाली प्रदर्शन मात्र 22 सेकंड में कर यह कीर्तिमान स्थापित किया।
संस्थान की कथक गुरु रमा पचीसिया ने बताया कि स्तुति बिड़ला पिछले 10 वर्षों से कथक नृत्य का नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। अपनी लगन, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रतिभा के बल पर उन्होंने कथक नृत्य में विशेष दक्षता हासिल की है और संस्थान की होनहार विद्यार्थियों में शामिल हैं।
स्तुति के माता-पिता सुनीता बिड़ला एवं सत्यनारायण बिड़ला ने उनकी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बचपन से ही कथक नृत्य के प्रति उनके विशेष लगाव और समर्पण को देखते हुए उन्हें नियमित प्रशिक्षण दिलाया गया, जिसका परिणाम आज राष्ट्रीय स्तर पर मिला है।
इस उपलब्धि पर रमा कथक संस्थान परिवार सहित नगर के साहित्यकारों, कला प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों ने स्तुति बिड़ला को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संस्थान की ओर से बताया गया कि स्तुति की इस सफलता ने भीलवाड़ा का गौरव बढ़ाने के साथ-साथ कथक कला के क्षेत्र में नई प्रेरणा प्रदान की है।

