माली (सैनी) महासभा की बैठक: 'हक के लिए सड़कों पर उतरना व चक्का जाम करना जानता है माली समाज का युवा' — गोपाल माली
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) माली समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने तथा समाज को सकारात्मक दिशा व दशा में ले जाने के लिए समाज के सभी लोगों को एकजुट होना होगा। समाज में राजनीतिक जागृति के साथ शिक्षा का उजाला फैलाना होगा जिससे आने वाले समय में समाज की युवा पीढ़ी की राहें आसान हो सकें। यह विचार राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा के प्रदेश महामंत्री गोपाललाल माली ने भीलवाड़ा शहर के पास पुर स्थित घाटी के बालाजी प्रागण में राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा भीलवाड़ा इकाई द्वारा आयोजित बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि सबसे पहले समाज के लोगों को अपनी शक्ति पहचानने की आवश्यकता है, तो सुधार व समाज का विकास स्वतः होने लगेगा। आज के युवा अब जाग गया है वे अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना ही नहीं जानता बल्कि जरूरत पड़ने पर चक्का जाम भी कर सकता है।
माली (सैनी) महासभा के जिला अध्यक्ष भैरूलाल माली ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि युवा सामाजिक कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लें, तभी माली समाज का भला हो सकता है। महासभा के प्रदेश मंत्री हरनारायण माली व माली (सैनी) समाज अधिकारी कर्मचारी संस्थान के जिलाध्यंक्ष तोताराम माली ने समाज के लोगों से संगठित होकर संगठन को मजबूती प्रदान करने की अपील की।
महासभा के जिला महामंत्री सत्यनारायण माली ने बताया कि बैठक में माली समाज को 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर कई वक्ताओं ने इस पर विचार रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने राजस्थान के सभी समाजों के साथ न्याय किया व उनको उनका हक दिया है उसी तरह माली समाज को भी 12 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग पर गंभीरता से विचार कर पूरा किया जाना चाहिए। बैठक में महासभा के सदस्यता अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। साथ ही समाज में फैली कई तरह की कुरीतियां मिटाने के साथ ही शिक्षा, सामाजिक सुधार, राजनीतिक जागृति, व्यापार संबंधित कई तरह के समाज हित के निर्णयों पर भी विस्तार से विचार विमर्श हुआ।
इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार माली, शंकर लाल गोयल, लाल राम माली, नानुराम गोयल, देवी लाल माली,पवन सैनी,नारायण माली, भेरू लाल माली, आयुष सैनी, महावीर माली, कालू माली, स्याम लाल माली, कन्हैयालाल माली, बालू लाल व पूरण माली (बागौर) सहित महासभा के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

