तखतगढ़ में 10 वर्षीय बालक की मौत का मामला: परिजनों ने लगाया पड़ोसियों पर हत्या का आरोप
तखतगढ़ (राजस्थान/ बरकत खान) कस्बा तखतगढ़ की महावीर बस्ती में 26 जुलाई की सुबह 10 वर्षीय बालक विशाल का शव घर के कमरे में फंदे से लटकता मिलने के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के पिता भंवरलाल (पुत्र सोनाराम मेघवाल) ने पड़ोसियों पर पुरानी रंजिश के चलते बालक की गला दबाकर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- प्रत्यक्षदर्शी बच्ची का चौंकाने वाला खुलासा
दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 26 जुलाई को सुबह भंवरलाल और उनकी पत्नी ललिता देवी रोजाना की तरह मजदूरी (कमठा काम) पर गए थे। घर पर उनके तीनों नाबालिग बच्चे मौजूद थे। करीब 9:40 बजे पड़ोसियों ने भंवरलाल को फोन कर विशाल के फंदे से लटके होने की सूचना दी।
घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों को प्रार्थी की 9 वर्षीया पुत्री चंचल ने आपबीती बताई। चंचल के अनुसार, जब वह छत से नीचे पानी पीने आ रही थी, तब उसने पड़ोसी राजू और ललित (पुत्रगण भैराराम खटीक) को विशाल का मुंह और गला दबाते हुए देखा। डर के मारे वह वापस छत पर भाग गई। थोड़ी देर बाद जब वह नीचे आई, तो दोनों आरोपी घर के मुख्य दरवाजे से बाहर निकल रहे थे और विशाल का शव वेंटिलेटर पर रस्सी के फंदे से लटक रहा था।
- पुरानी रंजिश के कारण हत्या का संदेह
पिता भंवरलाल का कहना है कि आरोपियों के साथ उनकी लंबे समय से बातचीत बंद थी और रंजिश चल रही थी। माता-पिता की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर बालक की हत्या की गई और इसे आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को लटका दिया गया। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि:
- घटना स्थल के सभी भौतिक साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं।
- नाबालिग प्रत्यक्षदर्शी के बयान बाल संरक्षण कानून (PoCSO / Child Protection Rules) के तहत दर्ज हों।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी शैतान सिंह चारण ने कहा, "यह घटना अत्यंत दुखद है। इस बच्चे को अपना बच्चा समझकर, निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई होगी।"

