जब सिस्टम सोता रहा, तब पत्रकारों ने संभाली जिम्मेदारी; पूर्वांचल जर्नलिस्ट प्रेस क्लब ने दुर्घटनाओं का कारण बन रहे स्पीड ब्रेकरों पर बनाए चेतावनी संकेतक
चौरीचौरा, (गोरखपुर/शशि जायसवाल)। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना जहां संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है, वहीं विभागीय उदासीनता के बीच पूर्वांचल जर्नलिस्ट प्रेस क्लब ने जनहित में एक सराहनीय पहल करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सोनबरसा-फुटहवाइनार मार्ग पर बने तीन स्पीड ब्रेकरों पर स्वयं चेतावनी संकेतक बनाकर राहगीरों और वाहन चालकों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया।
बताया जाता है कि उक्त मार्ग पर बने स्पीड ब्रेकरों पर किसी प्रकार के चेतावनी चिह्न या संकेतक नहीं थे, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में पूर्वांचल जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के सदस्यों ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए स्वयं पेंट और रोलर लेकर तीनों ब्रेकरों पर सफेद रंग से चेतावनी संकेतक अंकित किए।
इस अवसर पर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष राज अनन्त पाण्डेय ने कहा कि पत्रकारों की भूमिका केवल समाचार संकलन और प्रकाशन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान के लिए भी उन्हें आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब व्यवस्था अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में विफल हो जाए और आम जनता की जान जोखिम में पड़ने लगे, तब सामाजिक सरोकार रखने वाले लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे पहल करें।
प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी छोटी-छोटी लापरवाहियां भी बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। कई दुर्घटनाओं के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम न उठाया जाना चिंताजनक है। जनहित को सर्वोपरि मानते हुए पत्रकारों ने यह कदम उठाया है।
प्रदेश महामंत्री दिलशाद आलम ने कहा कि पूर्वांचल जर्नलिस्ट प्रेस क्लब हमेशा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि संकेतक बनने से वाहन चालकों को दूर से ही स्पीड ब्रेकर की जानकारी मिल सकेगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों से सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप संकेतकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
पत्रकारों की इस पहल को स्थानीय लोगों और राहगीरों ने खूब सराहा। लोगों का कहना है कि जो कार्य संबंधित विभागों को करना चाहिए था, उसे पत्रकारों ने स्वयं करके समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली है, बल्कि व्यवस्था की उदासीनता पर भी सवाल खड़े करती है।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष राज अनन्त पाण्डेय, प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता एवं विनोद सिंह, प्रदेश महामंत्री दिलशाद आलम, तहसील अध्यक्ष अनिल वर्मा, सदस्य राजन ओझा, अंकित जायसवाल, शैलेन्द्र त्रिपाठी, आदित्य मिश्रा, राजेश यादव सहित कई पत्रकार और समाजसेवी मौजूद रहे।


