5 लाख में 'डमी' बैठाकर बनी थी पटवारी: 18 महीने से फरार इनामी फर्जी पटवारी गिरफ्तार
भरतपुर/जयपुर
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में धांधली कर सरकारी कुर्सी हथियाने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 18 महीने से फरार चल रही ₹10,000 की इनामी फर्जी पटवारी चुंकी बाई को आखिरकार धर दबोचा है। आरोपी महिला पहचान छुपाकर डीग, भरतपुर और जालोर समेत कई ठिकानों पर छिपती फिर रही थी।
मॉर्फ्ड फोटो और 5 लाख का सौदा
SOG की शुरुआती जांच में सामने आया है कि चुंकी बाई ने पटवार भर्ती परीक्षा पास करने के लिए जालसाजी का खौफनाक ताना-बाना बुना था। उसने 23 अक्टूबर 2021 को जयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर खुद बैठने के बजाय 'डमी अभ्यर्थी' नेमी बाई को बैठाया था। इसके लिए उसने:
- प्रवेश पत्र से छेड़छाड़: एडमिट कार्ड पर खुद की जगह मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) फोटो लगाई।
- बड़ा सौदा: परीक्षा पास करवाने की एवज में डमी अभ्यर्थी को ₹5,00,000 दिए थे।
शिकायतों के बाद खुली पोल
फर्जीवाड़े से परीक्षा पास करने के बाद आरोपी महिला को डीग जिले के कुम्हेर क्षेत्र स्थित 'ईंदू पटवार हल्का' में नियुक्ति भी मिल गई थी। हालांकि, गुप्त शिकायतों के आधार पर SOG ने केस दर्ज कर जब धागे टटोले, तो पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।
डमी शिक्षिका पहले ही हो चुकी है गिरफ्तार
परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बनकर बैठने वाली निलंबित तृतीय श्रेणी अध्यापिका नेमी बाई उर्फ सम्मी उर्फ सुमिता (निवासी बाड़मेर, हाल सांचौर) को SOG पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
गिरोह के बड़े चेहरों की तलाश जारी
अब असली आरोपी चुंकी बाई के हत्थे चढ़ने के बाद SOG उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस धांधली के तार राज्य के बड़े मुन्नाभाई नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस गिरोह के कई और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय माना जा रहा है।

