तखतगढ़ में आदर्श शिक्षा संस्थान के आचार्य सम्मेलन का भव्य शुभारंभ
तखतगढ़ में आदर्श शिक्षा संस्थान के आचार्य सम्मेलन का भव्य शुभारंभ: वंदे मातरम् की प्रासंगिकता और भारत को विश्व गुरु बनाने पर हुआ मंथन
तखतगढ़ / बरकत खां
स्थानीय राय गांधी आदर्श विद्या मंदिर उच्च प्राथमिक विद्यालय, तखतगढ़ में आदर्श शिक्षा संस्थान (बाली) के चार दिवसीय 'आचार्य सम्मेलन' का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां शारदे, ॐ एवं मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानाचार्यों को मंच से सम्मानित भी किया गया।
मुख्य अतिथियों का मिला सानिध्य
उद्घाटन समारोह में विद्या भारती जोधपुर प्रांत के अध्यक्ष प्रोफेसर सुनील कुमार परिहार, बाली जिले के उपाध्यक्ष नारायण सिंह राजपुरोहित, शैक्षिक प्रमुख उगम सिंह पंवार, प्रभुराम राठौड़, प्रांत संस्कार केंद्र प्रमुख किशनाराम विश्नोई एवं जिला प्रवासी सुरेश कुमार मालवीय का गरिमामयी सानिध्य प्राप्त हुआ।
"भारत विश्व गुरु था और आगे भी रहेगा"
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रो. सुनील कुमार परिहार ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उसकी वर्तमान सार्थकता एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि—
"भारत का अतीत गौरवशाली रहा है। यह देश पहले भी विश्व गुरु था और अपने सनातन मूल्यों व शिक्षा पद्धति के बल पर आगे भी विश्व गुरु के पद पर सुशोभित रहेगा।"
3 अगस्त तक चलेगा गहन शिक्षण-प्रशिक्षण
स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य हरिराम जोगसन ने बताया कि यह आवासीय आचार्य सम्मेलन 31 जुलाई की रात्रि से प्रारंभ होकर 3 अगस्त दोपहर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान चार दिनों तक आचार्यों को शिक्षण की आधुनिक पद्धतियों, संस्कारों एवं विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

