विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ पर सख्त प्रशासन: जयपुर में जीपीएस निरीक्षण में खुली लापरवाही, 80 से अधिक मदरसा शिक्षा अनुदेशक अनुपस्थित
जयपुर के मदरसों में प्रशासनिक सख्ती: जीपीएस निरीक्षण में 80 से अधिक शिक्षा अनुदेशक मिले अनुपस्थित, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने दिया आत्मचिंतन का संदेश
जयपुर / जितेन्द्र जैन
जयपुर जिले के समस्त मदरसों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को एक विशेष जीपीएस आधारित निरीक्षण अभियान चलाया गया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अभिषेक सिद्ध के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान ने प्रशासनिक सतर्कता और अनुशासन का कड़ा संदेश दिया है।
जीपीएस फोटो न भेजने पर दर्ज हुई अनुपस्थिति
अभियान के तहत जिले के सभी मदरसों को निर्धारित समय सीमा के भीतर विद्यार्थियों एवं शिक्षा अनुदेशकों की उपस्थिति दर्ज करते हुए दिनांक, समय और जीपीएस (GPS) लोकेशन युक्त फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण की समयावधि में 80 से अधिक शिक्षा अनुदेशक जीपीएस फोटो भेजने में असफल रहे, जिन्हें नियमानुसार अनुपस्थित माना गया है।
"शिक्षक का आना केवल कक्षा लेना नहीं, बच्चे का विश्वास है"
अनुपस्थित अनुदेशकों को केवल प्रशासनिक दंड न देकर अधिकारी ने एक संवेदनशील और प्रेरणादायक संदेश भी जारी किया। उन्होंने कहा—
"यह केवल प्रशासनिक कार्यवाही नहीं, बल्कि उन बच्चों के भविष्य के प्रति आत्मचिंतन का अवसर है जो प्रतिदिन मार्गदर्शन की आस लेकर मदरसे आते हैं। जब शिक्षक समय पर नहीं आता, तो केवल पढ़ाई का नुकसान नहीं होता, बल्कि बच्चों का आत्मविश्वास और सपने भी प्रभावित होते हैं।"
राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है शिक्षक
अभिषेक सिद्ध ने जोर देकर कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण की नींव रखता है। उन्होंने सभी अनुदेशकों से आह्वान किया कि वे समयपालन, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने शिक्षण कार्य को नियमित करें।
आगे भी जारी रहेगा औचक जीपीएस निरीक्षण
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि मदरसों में शिक्षा का स्तर बेहतर बनाने और प्रत्येक विद्यार्थी के सीखने के अधिकार की रक्षा के लिए यह जीपीएस आधारित निरीक्षण अभियान भविष्य में भी लगातार और औचक रूप से जारी रहेगा।

