मौत को मात: 70 वर्षीय वृद्धा को किंग कोबरा ने डसा, 30 एंटी स्नेक वेनम डोज देकर डॉक्टरों ने बचाई जान
जहाजपुर अस्पताल की मुस्तैदी से मिली नई जिंदगी: किंग कोबरा के डसने पर 2 घंटे चली जंग, 30 डोज देकर बचाई 70 वर्षीय महिला की जान
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब)
मानसून के मौसम में जहरीले जीवों के बढ़ते खौफ के बीच जहाजपुर उपजिला चिकित्सालय के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। महज तीन दिनों के भीतर यह दूसरा ऐसा मौका है जब गंभीर रूप से सर्पदंश का शिकार हुए मरीज को मौत के मुंह से बाहर निकालकर नया जीवन दिया गया।
मरे हुए कोबरा के साथ अस्पताल पहुंचे परिजन
घटना शनिवार दोपहर करीब 12 बजे की है। विंध्या भाटा निवासी धापू देवी (70 वर्ष, पत्नी जयराम मीणा) को बेहद खतरनाक किंग कोबरा सांप ने डस लिया था। परिजन आनन-फानन में उन्हें गंभीर अवस्था में जहाजपुर उपजिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे। परिजनों ने सांप की पहचान के लिए मारे गए कोबरा को भी एक बैग में साथ रख लिया था।
2 घंटे में दी गई 30 एंटी वेनम डोज
महिला की गिरती हालत को देखकर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नईम अख्तर ने बिना एक पल गंवाए आपातकालीन इलाज शुरू कर दिया।
- तगड़ा इलाज: मरीज के शरीर में तेजी से फैल रहे जहर को बेअसर करने के लिए करीब 2 घंटे के भीतर लगातार 30 डोज 'स्नेक एंटी वेनम' दिए गए।
- टीम वर्क: मेडिकल स्टाफ रफीक मोहम्मद, नरेश पारीक, महावीर वैष्णव, महेंद्र मीणा, हरिशंकर रेगर और रविन्द्र मीणा ने लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट और मॉनिटरिंग के साथ महिला को खतरे से बाहर निकाला।
"झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, सीधा अस्पताल आएं"
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिलीप मीणा ने जनता से अपील की है कि बारिश के दिनों में सांप के काटने पर किसी तांत्रिक, ढोंगी या झोलाछाप के चक्कर में पड़कर समय बिल्कुल बर्बाद न करें। मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लाएं, क्योंकि सही समय पर मिला डॉक्टरी इलाज ही जान बचा सकता है।

