पावन सम्मेद शिखरजी में भक्ति का महासंगम: 13 पंथी कोठी में 11 मंगल कलशों की स्थापना, देशभर से उमड़े जैन श्रद्धालु
शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी में आस्था का महाकुंभ: उपाध्याय श्री बृषभानन्दी जी महाराज का चातुर्मास प्रारंभ, 11 मंगल कलशों की हुई स्थापना
सम्मेद शिखरजी / कमलेश जैन
विश्व प्रसिद्ध शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी की तेरापंथ कोठी में आचार्य श्री वसुनन्दी जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य उपाध्याय श्री बृषभानन्दी जी महाराज ससंघ के चातुर्मास 2026 का भव्य और मंगल शुभारंभ हो गया। दोपहर 1:00 बजे ध्वजारोहण के साथ सम्मेद शिखर कलश, पुष्पदन्त कलश और पार्श्वनाथ कलश सहित कुल 11 मंगल कलशों की स्थापना कर चातुर्मास का शंखनाद किया गया।
धर्म सभा में उमड़ा साधु-संतों और गुरुभक्तों का सैलाब
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन (जयपुर) ने बताया कि धर्म सभा में विभिन्न मंदिरों से पधारे आचार्य, साधु एवं आर्यिकाएं संघ सहित मौजूद रहे।
- मंगलाचरण एवं अनावरण: कार्यक्रम की शुरुआत प्रीति दीदी द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुई। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती शांतिसागर जी महाराज और अंकलीकर आदि सागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण किया।
- स्वागत एवं पाद प्रक्षालन: दिल्ली ग्रीन पार्क और मधुबन के श्रेष्ठियों (भूपेंद्र जैन, सुरेश जैन, सुकेश जैन, द्वारका जैन, रानू जैन) ने पूज्य आचार्यों और साधुओं का पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए।
श्रद्धालुओं के निवेदन पर मिली चातुर्मास की सहमति
सभागार में उपस्थित सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने हाथ जोड़कर 'नमोस्तु' करते हुए उपाध्याय श्री से मधुबन में चातुर्मास करने की विनती की। इस पर उपाध्याय श्री ने कहा— "जब परम पूज्य आचार्य श्री ने स्वीकृति प्रदान कर दी है, तो हमारी भी पूर्ण सहमति है।" यह सुनते ही पूरा पांडाल गुरुदेव के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य किसे मिला?
- प्रथम कलश (सम्मेद शिखरजी कलश): मुरैना जैन परिवार
- द्वितीय कलश (पुष्पदन्त कलश): विनोद जैन 'तार वाले' (मुरैना)
- तृतीय कलश (पार्श्वनाथ कलश): सपना जैन (प्रीत विहार, दिल्ली)
- 11 रजत कलश: कमलकुमार भूपेश जैन, हिमांशु जैन (कामां/फरीदाबाद), अंजू जैन, नारद जैन (नोएडा) सहित विभिन्न शहरों के श्रेष्ठियों द्वारा स्थापित किए गए।
देश के कोने-कोने से पहुंचे गणमान्य लोग
धर्म सभा में पूज्य युगल मुनि श्री शिवानन्द जी एवं प्रशमानन्द जी ने चातुर्मास पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन प्रतिष्ठाचार्य मनोज जैन दिल्ली ने किया। इस दौरान पूर्व पुलिस कमिश्नर दिल्ली रमेश जैन गर्ग, संजय ठोलिया, बसंत बाकलीवाल, अनिल जैन गदिया, पंकज लुहाड़िया सहित देशभर से आए कई विशिष्ट समाजसेवी और धार्मिक हस्तियां उपस्थित रहीं।
अंत में पूज्य उपाध्याय श्री बृषभानन्दी जी महाराज ने विभिन्न प्रांतों से आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं को अपना पावन मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

